समान काम-समान वेतन की मांग को लेकर इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय(आईजीयू) मीरपुर में गेस्ट लेक्चरर्स की वीरवार से चल रही हड़ताल के दूसरे शुक्रवार को भी जारी रही। समस्या का समाधान होने की बजाय इसमें सैंक्सन पोस्ट का अड़ंगा लग गया। भूख हड़ताल पर बैके कर्मियों ने धरना खत्म करने की बजाय वीसी की ओर से जारी पत्र को जलाकर विवि प्रशासन पर तानाशाही करने का आरोप लगाया। उन्होंने इस दौरान आर-पार की लड़ाई की चेतावनी भी दी।
बता दें कि विवि कैंपस में गेस्ट लेक्चरर्स एसोसिएशन की प्रेसिडेंट कर्मवती व योग टीचर धर्मबीर भूख हड़ताल पर हैं। वहीं 25 से अधिक लेक्चरर्स धरने पर बैठे हुए हैं। हड़ताल के दूसरे दिन शुक्रवार को विवि प्रशासन की ओर से एक पत्र जारी कर कहा गया कि समान काम-समान वेतन के आधार पर बनी कमेटी की सिफारिशों को मानते हुए विवि में सैंक्सन पोस्ट पर लगे गेस्ट लेक्चरर्स को समान काम-समान वेतन अर्थात 57700 रुपये का वेतन दिया जाएगा। इसके अलावा जो गेस्ट लेक्चरर्स लगे हैं, उनकी पोस्ट सैंक्सन कराने के लिए सरकार को लिखा जाएगा। पत्र जारी होने के बाद धरने पर बैठे गेस्ट लेक्चरर्स ने इस घोषणा को धोखा बताते हुए इसका विरोध किया और पत्र की प्रति को जलाया। गेस्ट लेक्चरर्स का कहना है कि इस पत्र के हिसाब से गेस्ट लेक्चरर्स की बड़ी संख्या लाभ से वंचित रह जाएगी।
सरकार ने जारी कर रखा है वर्कलोड के आधार पर पत्र : कर्मवती
भूख हड़ताल पर बैठी गेस्ट लेक्चरर्स एसोसिएशन की प्रेसिडेंट कर्मवती ने कहा कि सरकार की ओर से जारी पत्र में वर्कलोड के आधार पर समान काम- समान वेतन देने की बात कही गई है। कॉलेजों में इसका अनुसरण किया जा रहा है, फिर विवि में क्यों नहीं।
एंबुलेंस तक विवि में नहीं घुसने दी
कर्मवती का कहना है कि भूख हड़ताल पर बैठे लोगों के स्वास्थ्य की जांच के लिए एंबुलेंस तक को विश्वविद्यालय में प्रवेश नहीं करने दिया गया। भूख हड़ताल पर बैठे रिसोर्स पर्सन की तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही है। ऐसे में विवि प्रशासन का तानाशाही रवैया नहीं है तो क्या है?
-दो दिन में कोई मिलने तक नहीं आया
धरने पर बैठे लेक्चरर्स का कहना है कि भूख हड़ताल चलते दो दिन हो चुके हैं। विवि प्रशासन की ओर से अभी तक किसी ने मिलने तक की जहमत नहीं उठाई। शुक्रवार शाम चार बजे विवि प्रशासन की तरफ से वेबसाइट पर पत्र जारी कर दिया गया। विवि की मंशा ठीक होती तो विवि की तरफ से कोई प्रतिनिधि उनसे बात करने पहुंच सकता था। लेकिन मनमानी के चलते ऐसा नहीं हो पाया।
छात्र संगठनों ने गेस्ट लेक्चरर्स की हड़ताल को दिया समर्थन:
- विद्यार्थियों की पढ़ाई हो रही प्रभावित: एबीवीपी
हड़ताल के दूसरे दिन हड़ताली गेस्ट लेक्चरर्स को समर्थन देने के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्य भी पहुंचे। धरना स्थल पर मौजूद एबीवीपी अध्यक्ष विनय यादव, विशाल राव, विकास, दिनेश, संजू, योगेश चौधरी ने कहा कि हड़ताल से सीधे पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विवि प्रशासन को तुरंत धरने पर बैठे अध्यापकों की समस्या का समाधान करना चाहिए, ताकि पढ़ाई सुचारु चल सके।
अधिकतर डिपार्टमेंट गेस्ट लेक्चरर्स के भरोसे : हिमांशु
विवि छात्र नेता ने कह कि विवि में 18 डिपार्टमेंट में तीन हजार से अधिक विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। 15 डिपार्टमेंट पूरी तरह से गेस्ट लेक्चरर्स के भरोसे चल रहे हैं। ऐसे में हिंदी, साइंस सहित कई ऐसे विभाग हैं, जो सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। ऐसे में विवि प्रशासन को जल्द से जल्द समस्या का समाधान करना चाहिए।
नियम के तहत किया समाधान : ओएसडी
आईजीयू वीसी ओएसडी डॉ. विकास बत्रा ने कहा कि समान काम-समान वेतन का लाभ देने के लिए गठित की गई कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर सैंक्सन पोस्ट पर लगे गेस्ट लेक्चरर्स को 57700 देने का पत्र जारी कर दिया गया है। बाकी अध्यापकों के लिए सैंक्सन पोस्ट कराने के लिए सरकार को लिखा जाएगा, ताकि बचे हुए गेस्ट लेक्चरर्स को भी लाभ दिया जा सके। धरना स्थल पर जाने की बजाय समाधान ही कर दिया गया है। धरने पर बैठे गेस्ट लेक्चरर्स भी आईजीयू परिवार का हिस्सा हैं, ऐसे में उन्हें तुरंत धरना खत्म करना चाहिए।
वीसी से बात कर कराएंगे समाधान : कापड़ीवास
रेवाड़ी विधायक रणधीर सिंह कापड़ीवास ने कहा कि आईजीयू वीसी से बात कर समस्या का समाधान कराया जाएगा। धरने पर बैठे लेक्चरर्स भी हमारे बच्चे हैं, ऐसे में उनकी समस्या का समाधान कराना भी हमारी जिम्मेदारी है। जल्द समाधान कराया जाएगा।
जल्द कराएंगे समाधान: डीसी
डीसी यशेंद्र सिंह ने कहा कि वीसी से बात कर गेस्ट लेक्चरर्स की समस्या यदि विवि स्तर पर सुलझ सकती है तो कराई जाएगी। यदि सरकार के लेवल की बात है तो उच्चाधिकारियों से बात कर समाधान कराया जाएगा।