रेवाड़ी। एएमआर समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए सीएमओ डा. नरेंद्र दहिया। स्रोत: प्रशासन
- फोटो : बैडमिंटन टूर्नामेंट के समपान पर सम्मानित हुए खिलाड़ी।
रेवाड़ी। सिविल सर्जन डॉ. नरेंद्र दहिया की अध्यक्षता में बुधवार को नागरिक अस्पताल में एंटी माइक्रोबियल रेजिस्टेंस (एएमआर) समिति की बैठक हुई। इसमें जिले में एंटीबाॅयोटिक्स दवाओं के सही उपयोग, संक्रमण नियंत्रण और एएमआर की रोकथाम को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए।
सिविल सर्जन ने कहा कि बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक्स दवाओं का इस्तेमाल करने से बैक्टीरिया में दवा के प्रति प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो जाती है। इससे सामान्य बीमारियों का इलाज भी मुश्किल हो जाता है। उन्होंने इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए बड़ी चुनौती बताया।
निर्देश दिए गए कि जिले के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में एंटीबायोटिक्स के उपयोग की निगरानी बढ़ाई जाए। मेडिकल स्टोर पर बिना पर्चे के दवाएं बेचने पर सख्त कार्रवाई होगी। साथ ही स्कूल, कॉलेज और गांव स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।
निगरानी और प्रशिक्षण पर जोर
जिला माइक्रोबायोलॉजिस्ट डॉ. जोगेंद्र तंवर ने बताया कि सैंपलिंग और रिपोर्टिंग के जरिए संक्रमण की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। डीएसओ डॉ. भंवर सिंह ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से गांवों तक जागरूकता पहुंचाई जाएगी। डीसीओ राजेश धालीवाल ने कहा कि मेडिकल स्टोर की नियमित जांच होगी और नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। वहीं, डीक्यूसी डॉ. नीलम ने अस्पतालों में साफ-सफाई, हैंड हाइजीन और तय नियमों के पालन को जरूरी बताया। बैठक में स्वास्थ्य और अन्य विभागों के अधिकारियों ने एएमआर को रोकने के लिए मिलकर काम करने पर जोर दिया। अधिकारियों ने कहा कि सही समय पर सही दवा का उपयोग ही इस समस्या से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है।