धारूहेड़ा। कस्बे में लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद शाम होते ही सड़कों और कई मोहल्लों में अंधेरा पसर जाता है। नगर पालिका हर वर्ष स्ट्रीट लाइट के मेंटेनेंस पर लाखों रुपये खर्च करती है। बावजूद कस्बे के हाउसिंग बोर्ड में करीब 30 फीसदी स्ट्रीट लाइट बंद ही रहती हैं।
हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में लगभग पांच हजार से अधिक स्ट्रीट लाइट हैं और करीब 60 हाई मास्ट लाइट पार्कों में लगी हुई हैं। इनमें से अधिकतर खंभों पर लगी लाइट शोभा की वस्तु बनी हुई है। ज्यादातर लाइट या तो बंद पड़ी हैं या फिर उससे कम रोशनी निकल रही है। कहीं स्विच खराब हैं, तो कहीं कनेक्शन का तार टूटा और लटका हुआ है। सड़कों व गली-मोहल्लों में लगी स्ट्रीट लाइट बंद होने पर अंधेरे के कारण आए दिन लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। लोगों की लगातार मांग के बाद भी नप प्रशासन सुध नहीं ले रहा है। कस्बा के मुख्य हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी की दोनों वर्ड सहित कस्बा के अनेक वर्ड में शाम ढलने के बाद स्ट्रीट लाइट नहीं जलने के कारण इन रास्तों पर अंधेरा छा जाता है। वाहन चालकों के अलावा पैदल आने-जाने वालों को भी दिक्कत हो रही है।
नजर नहीं आते सीवरेज व आवारा मवेशी
सीवरेज के होल भी दिखाई नहीं देते हैं। कई जगह पर ढक्कन निकले हुए हैं, ऐसे में हादसे का डर रहता है। सेक्टरवासियों का कहना है कि स्ट्रीट लाइट की समस्या के लिए कई बार नगरपालिका को अवगत कराए जाने के बावजूद कर्मचारी स्ट्रीट लाइट को ठीक नहीं करते हैं। नगर पालिका द्वारा हर साल लाखों रुपये मरम्मत कार्य के लिए बजट पास किया जाता है। स्ट्रीट लाइट न जलने के कारण अंधेरे में आवारा मवेशियों का जमावड़ा सड़क पर कहीं भी बैठ जाता है। इससे पैदल चलने वाले व वाहन चालकों को भी खतरा होने का भय बना होता है।
मकान संख्या 368 से लेकर 370 तक सेक्टर 6 हाउसिंग बोर्ड वार्ड संख्या एक में लाइट खराब है। इन लाइट को ठीक करने के लिए कई बार नगर पालिका कर्मचारियों सहित अधिकारियों को अवगत भी कराया जा चुका है। बावजूद अब तक इन लाइट का समाधान नहीं हो सका है।
-विनोद कुमार, हाउसिंग बोर्ड, सेक्टर 6, धारूहेड़ा
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मकान संख्या 300 से लेकर 318 तक के बीच में लगी स्ट्रीट लाइट खराब हैं। संबंधित कर्मचारियों को फोन करने पर फोन नहीं उठाते, बिल्कुल गलत है।
-मनोज कुमार, हाउसिंग बोर्ड, सेक्टर 6, धारूहेड़ा
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पार्कों में नगर पालिका द्वारा स्ट्रीट लाइट लगाई गई है जो 6 महीने से बंद है। अभी तक यह लाइट नहीं बनाई गई, शाम होने के बाद अनजान लोग आकर इन पार्कों में, बैठते हैं, जो पता नहीं चल पाता कौन और कहां से है। इसके कारण कोई अनहोनी होने का भय बना रहता है।
-राम कुमार झा, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी सेक्टर-6, धारूहेड़ा
वर्जन:
नगर पालिका की तरफ से लाइटों को दुरुस्त करने के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू की गई है। जल्द ही सभी लाइट को दुरुस्त करवाया जाएगा। लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
प्रवीण, सचिव, नगर पालिका धारूहेड़ा।
विनोद ।
विनोद ।
विनोद ।