बावल। गांव नांगल शहबाजपुर की चेतना रुस्तगी ने (40) 25 फरवरी को गुजरात के सूरत में आयोजित ओपन एशिया पॉवर लिफ्टिंग प्रतियोगिता में 4 स्वर्ण पदक जीतकर परिवार व प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। दो पुत्रियों की मां चेतना ने ये पदक 75 किलोग्राम वजन वर्ग में जीते हैं।
चेतना ने स्नातक की पढ़ाई बावल के राजकीय महाविद्यालय से पूरी की थी। 2006 में चेतना का विवाह कोलकाता निवासी मानव रुस्तगी से हुआ। दो बेटियां होने के बाद उसका वजन बढ़ गया, जिसे घटाने के लिए उसने जिम जाना शुरू किया। जिम ट्रेनर अनंत चौधरी ने पॉवर लिफ्टिंग में हाथ आजमाने की सलाह दी। इसके बाद चेतना ने बंगलुरु निवासी मोहम्मद अजमत से ट्रेनिंग ली व कई प्रतियोगिता में भाग लिया। आखिरकार उसकी मेहनत व लगन ने रंग दिखाया और उसने एक साथ 4 स्वर्ण पदक हासिल किए।
चेतना के अनुसार खेल में भाग लेने की कभी सोची भी नही थी, लेकिन पति मानव, ससुर अमर व सास रंजना ने मनोबल बढ़ावा। उन्होंने सफलता का श्रेय ससुराल पक्ष के साथ-साथ अपनी माता कांता व भाई हितेष रूस्तगी को दिया है। चेतना को बावल विधायक डॉ. कृष्ण कुमार, पूर्व मंत्री डॉ. बनवारी लाल, गोल्डन लॉयनेस की प्रधान उषा रूस्तगी, वैश्य महासम्मेलन के जिला अध्यक्ष ब्रिजलाल गोयल व सतीश पब्लिक स्कूल के चेयरमैन ने बधाई दी है।