खंड खोल क्षेत्र के गांव बास-बटोड़ी स्थित राजकीय हाई स्कूल में स्टाफ की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इस स्कूल में कुल सात पद रिक्त हैं, जो कई साल से रिक्त हैं। विभाग ने अभी तक इस स्कूल की सुध तक नहीं ली है। इस कारण विद्यार्थियों की संख्या में बढ़ोतरी नहीं हो रही है।
राजकीय हाई स्कूल बास-बटोडी में 100 से अधिक बच्चे हैं। पिछले दो साल से अनेक विषयों के पद रिक्त पड़े हैं। इससे जहां बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, वहीं कार्यरत अध्यापकों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। स्कूल में इस समय हिंदी पीजीटी, संस्कृत टीजीटी, ड्राइंग अध्यापिका टीजीटी, इतिहास जीटीजी, क्लर्क, कंप्यूटर टीचर सहित चौकीदार का भी पद खाली पड़ा है। हिंदी व संस्कृत के पद रिक्त होने से बच्चों को भारी परेशानियों को सामना करना पड़ रहा है। अन्य शिक्षक जैसे-तैसे बच्चों को पढ़ा रहे हैं।
कंप्यूटर बने शोपीस
चार साल पूर्व स्कूल में 22 कंप्यूटर सिस्टम लगे थे। कंप्यूटर अध्यापक की नियुक्ति भी की गई, लेकिन नवंबर 2014 से अब तक कंप्यूटर अध्यापक का पद खाली पड़ा है। इससे बच्चे कंप्यूटर के बेसिक ज्ञान से वंचित हैं। अब कंप्यूटर सिस्टम कमरे में धूल फांक रहा है।
कोट
स्कूल में अनेक विषयों के पद रिक्त होने से अन्य अध्यापकों पर अतिरिक्त बोझ पड़ा हुआ है। इस बार 10वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम बहुत ही सराहनीय रहा है। क्लर्क के चले जाने के बाद सभी अध्यापकों पर काम का बोझ बढ़ गया है। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होना वाजिब है। पूरा स्टाफ मिलजुल कर बच्चों को कड़ी मेहनत कर पढ़ा रहे है। - दिनेश कुमार शर्मा, हेडमास्टर