संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। खाटूश्याम बाबा का लक्खी मेला शुक्रवार से शुरू हो गया। 12 दिन तक चलने वाले इस मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जाते है। इसको देखते हुए रेवाड़ी से 1 मार्च से विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। रेवाड़ी से रींगस के बीच 16 ट्रेनें हैं, जिनमें 10 हर रोज चलती हैं। 6 ट्रेनें सप्ताह के अलग-अलग दिन संचालित होती हैं।
रेलवे की ओर से जयपुर से शकूरबस्ती व ढेहर का बालाजी (जयपुर) और मदार (अजमेर) से कुरुक्षेत्र व मदार (अजमेर) मेला स्पेशल रेल सेवाओं का संचालन किया जाएगा। गाड़ी संख्या 09725 जयपुर-शकूरबस्ती मेला स्पेशल रेलसेवा 1 मार्च से 15 मार्च तक चलेगी। यह रेलसेवा मार्ग में ढेहर का बालाजी, नींदड़ बैनाड, चौमू सामोद, गोविन्दगढ, रींगस, श्रीमाधोपुर, कांवट, नीम का थाना, मावंडा, डाबला, निजामपुर, नारनौल, अटेली, कुण्ड, रेवाडी, झज्जर, अस्थल बोहर व बहादुरगढ़ स्टेशनों पर ठहराव करेगी। वहीं, गाड़ी संख्या 09727, मदार (अजमेर) कुरुक्षेत्र मेला स्पेशल रेलसेवा 5 मार्च से 12 मार्च तक (8 ट्रिप) चलेगी। जो कि किशनगढ, नरैना, फुलेरा, रेनवाल, रींगस, श्रीमाधोपुर, कांवट, नीम का थाना, डाबला, निजामपुर, नारनौल, अटेली, कुण्ड, रेवाडी, झज्जर, रोहतक, जीन्द, नरवाना एवं कैथल स्टेशनों पर ठहराव करेगी।
भक्तों को इस साल भी 14 कतारों से होकर बाबा की चौखट तक पहुंचना होगा। रींगस से खाटू तक कारपेट बिछाया जाएगा। रींगस रोड से आने वाले भक्तों को नगरपालिका के नजदीक मुख्य प्रवेश द्वार से होकर आना होगा। यहां से चारण मैदान पहुंचेंगे। चारण मैदान में टीन शेड से कवर अस्थाई जिगजैग बनाया गया है। इस जिगजैग से होते हुए लखदातार मैदान में पहुंचेंगे। इस तरह रींगस रोड से बाबा के दर तक आने में करीब 5 घंटे से ज्यादा का समय लग जाएगा। भीड़ नहीं होने पर 4 लाइन से ही दर्शन के लिए भेजा जाएगा।
35 किलोमीटर तक चलना होगा पैदल
इस बार मेले में रींगस से पैदल आने वाले श्रद्धालुओं को करीब 35 किमी का सफर तय करने के बाद बाबा के दर्शन होंगे। पिछली बार यह दूरी करीब 28 किमी थी। दरअसल, प्रशासन ने श्रद्धालुओं की संख्या को ध्यान में रखते हुए चारण मेला मैदान में दो ब्लॉक और बढ़ाकर 6 जिगजैग तैयार करवाए हैं। मेला प्रभारी और एसडीएम मोनिका सामोर के अनुसार श्रद्धालुओं की संख्या और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मार्ग में बदलाव किया गया है ताकि श्रद्धालुओं को आसानी से दर्शन हो सकें। अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त व्यवस्था की है, जिससे भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।