रेवाड़ी। जिला न्यायालय में चेक बाउंस से जुड़े मामलों के जल्द निपटारे के लिए दूसरी विशेष अदालत गठित की गई है। लंबे समय से चेक बाउंस के मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अधिवक्ताओं की ओर से अतिरिक्त अदालत गठित करने की मांग की जा रही थी।
अब पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के आदेश के बाद न्यायाधीश विश्वास खटक, जेएमआईसी की अदालत को भी नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 138 के मामलों की सुनवाई के लिए अतिरिक्त अदालत बनाया गया है।
अब जिले में चेक बाउंस से संबंधित मामलों की सुनवाई दो विशेष अदालतों में होगी। इससे लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद है। इससे पहले न्यायाधीश आकाश सरोहा की अदालत में ही धारा 138 के तहत चेक बाउंस से जुड़े मामलों की सुनवाई की जा रही थी।
जिले में वर्तमान में करीब 12 से 14 हजार चेक बाउंस के मामले लंबित हैं। पिछले कुछ समय से ऐसे मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके चलते न्यायालयों पर भी मामलों का अतिरिक्त भार बढ़ रहा था। इसी को देखते हुए दूसरी विशेष अदालत गठित करने का निर्णय लिया गया है।
इस समय कुल 20 न्यायालय कार्यरत हैं। इनमें से अब दो अदालतों में विशेष रूप से चेक बाउंस से जुड़े मामलों की सुनवाई की जाएगी। दोनों अदालतें धारा 138 के तहत लंबित और नए मामलों की सुनवाई करेंगी।
अतिरिक्त अदालत गठित होने से अधिवक्ताओं और पक्षकारों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। मामलों की संख्या अधिक होने के कारण लंबे समय से इनके निपटारे में समय लग रहा था। नई अदालत के गठन से सुनवाई के लिए अधिक अवसर उपलब्ध होंगे और लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण की संभावना बढ़ेगी।