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सोलह राही और बड़ा तालाब की बदलेगी सूरत

Sun, 06 Dec 2015 12:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/रेवाड़ी
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प्रदेश सरकार ने एतिहासिक अहीरवाल क्षेत्र में पर्यटन को विकसित करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में योजना तैयार हो गई है। प्रदेश सरकार ने इसे माधोगढ़-महेंद्रगढ़-रेवाड़ी ग्रामीण हेरिटेज सर्किट नाम दिया गया है।
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योजना के क्रियान्वित होने के बाद रेवाड़ी के साथ महेंद्रगढ़ व नारनौल के एतिहासिक स्थलों की भी सूरत बदली जाएगी। परियोजना के संबंध में 59.18 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट तैयार कर टूरिज्म डिपार्टमेंट के डायरेक्टर जनरल की ओर से एडिशनल डायरेक्टर, जनरल मिनिस्टरी ऑफ टूरिज्म गवर्मेंट ऑफ इंडिया को भेजा गया है।

यदि इसे हरी झंडी मिल गई तो रेवाड़ी का सोलह राही तालाब और बड़ा तालाब के साथ यहां एतिहासिक स्थलों के दिन फिर जाएंगे।

सरकार की ओर से तैयार किए गए इस सर्किट में रेवाड़ी के साथ महेंद्रगढ़ के 850 साल पुराना माधोगढ़ किला, बीरबल नगरी नारनौल में कई एतिहासिक स्थल पर्यटन का केंद्र बन जाएंगे।
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इस प्रोजेक्ट की रिपोर्ट रेवाड़ी डीसी के पास भी भेजी गई है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि करीब पांच दिन पहले दिल्ली में बैठक भी हुई थी लेकिन उसमें इस प्रोजेक्ट पर ज्यादा चर्चा नहीं हुई।

अधिकारियों ने सात जनवरी को इस विषय पर दोबारा बैठक तय की है। यदि इस बैठक में प्रोजेक्ट पर मुहर लगती है तो इलाके में विकसित होने वाले इन पर्यटन केंद्रों पर सैलानी देखे जा सकेंगे।

...तो आएंगे सैलानी
योजना सिरे चढ़े तो दिल्ली, गुड़गांव जैसे शहरों में घूमने दूर दराज से आने वाले लोग फिर रेवाड़ी तक भी आ सकेंगे। रेवाड़ी में दोनों तालाबों के अलावा शहर के चारों दरवाजे, हिंदू सम्राट हेमचंद्र विक्रमादित्य की हवेली, बाबू बालमुकुंद गुप्त के गांव गडियानी में उनकी हवेली को भी संवारने की तैयारी है। यहां बता दें कि रेवाड़ी में तालाबों के साथ अन्य एतिहासिक स्थलों का कई बार टूरिज्म विभाग के अधिकारी दौरा कर चुके हैं।

क्या होगा काम
रेवाड़ी बड़ा तालाब पर 3 करोड़ 84 लाख रुपये खर्च करने का प्रावधान इस प्रोजेक्ट में रखा गया है। जबकि सोलह राही तालाब का पर 6 करोड़ 58 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। दोनों तालाबों की पूरी तरह मरम्मत की जाएगी। नए सिरे से साफ पानी भरा जाएगा। वोटिंग का भी प्रावधान होगा। इसके साथ ही लाइटें भी लगाई जाएगी। इनके अलावा माधोगढ़ किला के लिए 12.64 करोड़, नारनौल में बालमुकुंद के छत्ता के लिए 11.65 करोड़, महेंद्रगढ़ के किला के लिए 24.47 करोड़ रुपये का प्रावधान इस प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है।

वर्जन...
प्रोजेक्ट बनाकर केंद्र सरकार के पास भेज दिया है। उम्मीद है कि इसे स्वीकृति मिल जाएगी। स्वीकृति मिलने पर दक्षिणी हरियाणा के इन दोनों जिलों में पर्यटन के कई केंद्र बन जाएंगे।
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सुमित्रा मिश्रा, प्रधान सचिव, टूरिज्म विभाग, हरियाणा
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