संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। राजकीय स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने में अब एसएमसी (स्कूल प्रबंधन समिति) के पदाधिकारियों की भी भूमिका अहम होगी। इसके लिए स्कूल प्रबंधन समिति के पदाधिकारियों को नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के बारे में बताया जाएगा। उन्हें शिक्षा में सुधार के लिए योजना बनाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से ये कदम उठाए जाएंगे। प्रशिक्षण में एसएमसी पदाधिकारियों को प्रत्येक वर्ष स्कूल में होने वाली आडिट, शिक्षा में सुधार समेत अन्य विषय की जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण विभिन्न संकायों की ओर से दिया जाएगा। नई शिक्षा नीति के तहत 15 वर्ष के विद्यार्थियों पर विशेष फोकस रहेगा। एसएमसी के पदाधिकारी स्कूल में पढ़ाई के दौरान बच्चों की जरूरत पर ध्यान देते रहे हैं। अब उनके कार्य का दायरा बढ़ाया जाएगा।
स्कूल के इन्फ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने से लेकर योजना तैयार करने के बारे में मास्टर ट्रेनर एसएमसी के पदाधिकारियों को जानकारी देंगे। यह प्रशिक्षण जिलास्तरीय होगा। शिक्षा के स्तर में दिया गया लक्ष्य किस तरह पूरा किया जा सकता है, इसके बारे में भी बताया जाएगा। पढ़ाई को लेकर उचित माहौल तैयार करने को लेकर भी प्रशिक्षित किया जाएगा। स्कूलों में एकेडमिक गतिविधियों का रिव्यू करने की भी जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षा में सुधार लाना है।
जिन स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या 100 से अधिक है, उन स्कूलों की एसएमसी के पदाधिकारियों का प्रशिक्षण में हिस्सा लेना अनिवार्य है। उन्हें प्रशिक्षण के दौरान सम्मानित भी किया जाएगा। जो मानकों को पूरा करेगा, उसे अवॉर्ड देकर और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। ्