कोसली। शहर के मध्य हो रहे ओवरब्रिज के धीमे निर्माण से व्यापारियों का कारोबार चौपट हो गया है। रास्ता बंद होने से जहां ग्राहकों को आने-जाने में दिक्कत होती है, वहीं रेलवे पटरियों को पार करने में हमेशा जान का खतरा बना रहता है।
कोसली में शहर के मध्य ओवरब्रिज को तोड़कर दोबारा बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। ओवरब्रिज तोड़ने की प्रक्रिया के कारण कई समस्याएं हुईं। तब व्यापारियों ने प्रशासन को इन समस्याओं से अवगत करवाया था।
उन्होंने मांग उठाई थी कि उन्हें बाजार में आने जाने के लिए रेलवे लाइनों को पार करने के लिए वैकल्पिक रास्ता दिया जाए। पुनर्निर्माण के कारण बाजार रास्ते के अभाव में चौपट हो जाएगा। लेकिन, व्यापारियों कि एक न सुनी गई और बिना वैकल्पिक रास्ता दिए ही ओवरब्रिज को गिरा दिया गया।
लोकनिर्माण विभाग ने कोसली ओवरब्रिज निर्माण 30 मार्च तक पूरा करने की बात कही थी, लेकिन फरवरी बीतने के बाद अभी तक 35 फीसदी ही कार्य पूरा हो सका है। लोगों का कहना है कि अब उन्हें सात से 10 किलोमीटर दूरी तय कर बाजार में एक साइड से दूसरी साइड जाना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग की तरफ से बनाए ओवरब्रिज को दोबारा बनाने की प्रक्रिया के लिए 13 करोड़ 60 लाख रुपये जारी किए गए हैं, लेकिन कार्य कछुआ गति से चलने का खामियाजा आम जनता और व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है।
हमेशा विवादों में रहा है ओवरब्रिज : ओवरब्रिज शुरू से ही विवादों में रहा है। वर्ष 2011 में बनकर तैयार हुए इस ओवरब्रिज में घटिया सामग्री लगाए जाने के आरोप लगे थे। 2018 में इसे भारी वाहनों के लिए पूर्ण रूप से बरिकेट लगाकर बंद कर दिया गया था। वर्ष 2023 में इसे दोबारा निर्माण के लिए तोड़ा गया। अब निर्माण कार्य धीमा होने के कारण लोग परेशान हैं।
कोसली में निर्माणाधीन ओवरब्रिज। संवाद
कोसली में निर्माणाधीन ओवरब्रिज। संवाद
कोसली में निर्माणाधीन ओवरब्रिज। संवाद
कोसली में निर्माणाधीन ओवरब्रिज। संवाद
कोसली में निर्माणाधीन ओवरब्रिज। संवाद