कोसली। कोसली में प्रस्तावित नए वाले बस स्टैंड के निर्माण के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। परियोजना के तहत बसों के लिए छह अलग-अलग बे, यात्री प्रतीक्षालय, टिकट काउंटर, शौचालय, पेयजल व्यवस्था, पार्किंग तथा अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। इस निर्माण कार्य की लागत 5 करोड़ 37 लाख 46 हजार रुपये निर्धारित की गई है।
निविदा दस्तावेज जमा करने की अंतिम तिथि 26 जून निर्धारित की गई है, जबकि निविदाएं 30 जून को खोली जाएंगी। इच्छुक और पात्र निर्माण एजेंसियां निर्धारित शर्तों के अनुसार आवेदन कर सकती हैं।
वर्ष 2017 में एक जनसभा के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कोसली को सब डिपो का दर्जा देने की घोषणा की थी। हालांकि घोषणा के बाद लंबे समय तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई। करीब चार साल बाद परिवहन विभाग द्वारा यहां वर्कशॉप का निर्माण कराया गया। वर्कशॉप बनने के बाद क्षेत्र के लोगों ने नए बस अड्डे के निर्माण की मांग तेज कर दी।
कोसली का पुराना बस अड्डा वर्ष 1982 में बनाया गया था। समय के साथ इसकी स्थिति काफी जर्जर हो चुकी थी और भवन किसी भी समय हादसे का कारण बन सकता था। इसी को देखते हुए गत वर्ष पुराने बस अड्डे को गिराकर उसका मलबा साफ कर दिया गया। इसके बाद से बस अड्डे की जगह खाली मैदान में तब्दील हो गई। यात्रियों की सुविधा के लिए लगभग दो वर्ष पहले परिवहन विभाग की वर्कशॉप को अस्थायी बस अड्डे के रूप में उपयोग में लाया जाने लगा।
स्थायी बस अड्डा नहीं होने के कारण यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कनीना, नारनौल और महेंद्रगढ़ की ओर जाने वाली कई बसें ओवरब्रिज के पास ही यात्रियों को उतार देती हैं।
वहां से अस्थायी बस अड्डे तक पहुंचने के लिए लोगों को लगभग एक किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। खासकर गर्मी के मौसम में बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
सुदर्शन
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