रेवाड़ी। जिले के सात प्रतिभाशाली विद्यार्थी राज्यस्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में अपने नवाचारपूर्ण मॉडल और परियोजनाओं के माध्यम से वैज्ञानिक सोच का प्रदर्शन करेंगे। यह प्रदर्शनी जनवरी के अंत में गुरुग्राम में आयोजित की जाएगी।
राज्यस्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन विद्यालय शिक्षा निदेशालय और राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के संयुक्त तत्वावधान में किया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को विज्ञान के क्षेत्र में प्रोत्साहित करना और उन्हें राज्य व राष्ट्रीय स्तर तक आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करना है।
जिला शिक्षा विभाग की ओर से खंड स्तर और जिला स्तर पर दो चरणों में प्रतियोगिताएं हो चुकी हैं। 18 दिसंबर को आयोजित जिला स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में खंड स्तर से चयनित 105 बाल वैज्ञानिकों ने अपने-अपने मॉडल और प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए थे। इनमें से सर्वश्रेष्ठ सात विद्यार्थियों का चयन राज्य स्तरीय प्रदर्शनी के लिए किया गया है।
राज्यस्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड और सीबीएसई से मान्यता प्राप्त राजकीय विद्यालयों के विद्यार्थी भाग लेंगे। साथ ही हरियाणा बोर्ड से संबद्ध निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों को भी इसमें शामिल किया गया है, जबकि सीबीएसई से संबद्ध निजी विद्यालयों को इस प्रदर्शनी में शामिल नहीं किया गया है।
चयनित विद्यार्थी अब राज्य स्तर पर अपने वैज्ञानिक मॉडल प्रस्तुत कर विज्ञान के प्रति अपने ज्ञान, जिज्ञासा और रचनात्मक सोच का परिचय देंगे।
नवाचार और वैज्ञानिक सोच का मंच
विज्ञान प्रदर्शनी एक ऐसा शैक्षिक कार्यक्रम होता है जिसमें विद्यार्थी विज्ञान से जुड़े मॉडल, प्रोजेक्ट, प्रयोग और नवाचार प्रस्तुत करते हैं। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा, रचनात्मकता और समस्या-समाधान की क्षमता को विकसित करना होता है। विज्ञान प्रदर्शनी में विद्यार्थी अपने बनाए हुए मॉडल के माध्यम से यह बताते हैं कि कोई वैज्ञानिक सिद्धांत कैसे काम करता है या किसी समस्या का समाधान कैसे किया जा सकता है। इन मॉडलों का मूल्यांकन विशेषज्ञों, शिक्षकों या अधिकारियों की ओर से किया जाता है। संक्षेप में विज्ञान प्रदर्शनी विद्यार्थियों को सीखने, सोचने और नवाचार करने का मंच प्रदान करती है, जिससे उन्हें राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है।
वर्जन
जनवरी के अंत में राज्यस्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी आयोजित होने की उम्मीद है। इसमें जिले की 9वीं से 12वीं कक्षा के चयनित सात विद्यार्थी अपने वैज्ञानिक मॉडलों और परियोजनाओं के माध्यम से नवाचार व वैज्ञानिक दृष्टिकोण का प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान उच्च शिक्षा अधिकारियों की ओर से विद्यार्थियों के मॉडलों का मूल्यांकन किया जाएगा। इसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को राष्ट्रस्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में भाग लेने का अवसर दिया जाएगा।-रेनू यादव, जिला विज्ञान विशेषज्ञ ।