झज्जर रोड स्थित शक्ति भवन में बिजली उपभोक्ताओं की शिकायत सुनते हुए सीजीआरएफ चेयरमैन संजीव चोपड़
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रेवाड़ी। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) के उपभोक्ता निगम की ओर से भेजे जा रहे मनमाने बिलों से परेशान हैं। उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम (सीजीआरएफ) की झज्जर रोड स्थित शक्ति भवन में कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई। इस मौके रेवाड़ी और नारनौल सर्कल की कुल 24 शिकायतें रखी गईं, जिसमें से 20 बिजली बिल संबंधी थी। सीजीआरएफ चेयरमैन संजीव चोपड़ा ने सुनवाई के दौरान निगम अधिकारियों को फटकार लगाते हुए 11 शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया। इसमें से एक ऐसी भी समस्या थी, जिसमें उपभोक्ता के बिल में अतिरिक्त 47 हजार रुपये जोड़ दिए गए थे। यह किस सेवा या जुर्माना के लिए चार्ज किए गए इसको भी नहीं दर्शाया गया था। उपभोक्ता निगम अधिकारियों के पास चक्कर लगाने के बाद बुधवार को फोरम में शिकायत लेकर पहुंचा था। चेयरमैन ने मौके पर समस्या का समाधान कर दिया गया। जांच में पाया गया कि निगम ने दोगुना बिल उपभोक्ता को भेजा हुआ था। चेयरमैन ने कहा कि आठ माह में 400 समस्याओं में से 350 से अधिक बिजली बिल से संबंधित थीं। 20 अप्रैल को अगली सीजीआरएफ की बैठक में सुबह नारनौल व दोपहर बाद रेवाड़ी में सुनवाई होगी।
चोरी छोड़कर सभी प्रकार की शिकायतों की सुनवाई
जानकारी के अनुसार फोरम में चोरी के मामलों को छोड़कर अन्य सभी प्रकार की शिकायतें सुनी जाती हैं। फोरम की अगली बैठक 20 अप्रैल को आयोजित की जाएगी। उपभोक्ता शिकायत के लिए सीजीआरएफ डीएचबीवीएन.ओआरजी.आईएन पर भी मेल कर सकते हैं। इसके अलावा निगम की ओर से सभी सब डिवीजन दफ्तरों के बाहर भी फोरम के बोर्ड लगवाए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिल सके।
बिल्डर निर्धारत दरों से ज्यादा नहीं वसूल सकते बिल
उपभोक्ता फोरम के चेयरमैन ने बताया कि गुरुग्राम के बाद अब रेवाड़ी में भी बिल्डर्स की ओर से निर्धारित बिजली यूनिट दरों से ज्यादा वसूली की शिकायतें आना शुरू हो गई हैं। नियमानुसार हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग की ओर से निर्धारित बिजली यूनिट की दर से ही बिल बनाया जा सकता है, इससे ज्यादा दरों से बिल वसूलना कानूनी गलत है। गुरुग्राम में इस तरह की अनेक शिकायतें आती हैं, अब रेवाड़ी में भी बहुमंजिला इमारतें बढ़ने से इस तरह की शिकायतें आ रही हैं। यह बिल्कुल गलत है। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पैसे वापस दिलवाए जा रहे हैं।
अगले दो माह में हो जाएगा समाधान
बिजली फोरम के चेयरमैन संजीव चोपड़ा ने बताया कि बिल संबंधी समस्याएं पहले एसडीओ स्तर पर सुनी जाती थी। लेकिन सरकार ने माना कि इससे भ्रष्टाचार के मामले बढ़ते हैं। इसके बाद हिसार में बैक ऑफिस की ओर से इस तरह की शिकायतों को सुना जाता है। वहां पर अधिक वर्कलोड होने के चलते समस्या बढ़ी है। अगले दो माह में सभी लंबित समस्याओं का समाधान होने के बाद बिजली बिल की समस्याएं भी काफी हद तक कम होने की उम्मीद की जा सकती है। उन्होंने बताया कि अब रेवाड़ी व नारनौल की शिकायतें भी अलग-अलग सुनीं जाएंगी।