गोशाला का उद्घाटन करते सांसद अरविंद शर्मा।
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रेवाड़ी। रोहतक लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि निस्वार्थ भाव से की गई सेवा को ही कर्म फल कहा जाता है। कर्म योग के अभ्यास से ही हृदय पवित्र होता है। उन्होंने कहा कि शास्त्रों में भी लिखा है कि कर्म करते रहो और फल की चिंता मत करो। सबसे बड़ी बात सफलता व विफलता में समान व शांत रहना लोग सीखें। एक दूसरे की हमेशा मदद करनी चाहिए, ताकि सफलता का मार्ग प्रशस्त हो सके। वे शनिवार को गांव नागलिया रणमोख में सरस्वती गोशाला के यज्ञशाला के उद्घाटन के अवसर पर लोगों को संबोधित कर रहे थे।
इस दौरान उन्होंने कहा कि धार्मिक व सामाजिक कार्यों में हमें बढ़चढ़ कर आगे आना चाहिए। ताकि समाज को नई दिशा मिल सके। शास्त्रों के अनुसार गोमाता में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास है। हमें गौ माता की सेवा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गरीबों व असहाय लोगों की हमेशा मदद करनी चाहिए और माता-पिता की सेवा से बढ़कर कोई धर्म नहीं है। सद्भावना के साथ प्रत्येक व्यक्ति को कार्य करना चाहिए, ताकि कर्म को आध्यात्मिक कसौटी पर खरा उतर सके। उन्होंने कहा कि सद्भावना के साथ किया गया कार्य योग बन जाता है और कर्म योग ही प्रत्येक मानसिक उलझनों को दूर करता है। उन्होंने कहा कि भेदभाव और वैमनस्यता को समाप्त कर कर्मयोग का अभ्यास व्यक्ति व समाज को एकता और समानता की और प्रेरित करता है, जिससे स्वस्थ शरीर व स्वस्थ मन की प्राप्ति होती है।
इस अवसर पर दयानंद मठ के अध्यक्ष स्वामी सदानंद, स्वामी धर्मदेव, विधायक लक्ष्मण सिंह यादव, पूर्व मंत्री विक्रम यादव, श्रवण गर्ग, ठाकुर विक्रम सिंह, पूर्ण यादव, वीरकुमार यादव, हुकमचंद यादव, एमपी गोयल, त्रिलोक चंद शर्मा, अमित गोयल, कमल गोयल प्रमुख रूप से मौजूद रहे।