रेवाड़ी। नगर परिषद की ओर से सेक्टरों की सड़कों को स्वच्छ, सुंदर और धूलमुक्त बनाने के लिए योजना तैयार की गई है। परिषद की ओर से हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के सेक्टर-3 फेज-1, फेज-2 और सेक्टर-4 की सड़कों की मैकेनाइज्ड और मैनुअल सफाई के लिए एजेंसी चयन को लेकर 2.49 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया है।
इस टेंडर के तहत चयनित एजेंसी को संबंधित सेक्टरों की मुख्य सड़कों, गलियों और सार्वजनिक स्थलों की नियमित सफाई, कचरा एकत्रीकरण, डस्टबिन खाली करने और धूल नियंत्रण का कार्य सौंपा जाएगा।
सफाई कार्य में आधुनिक मशीनों रोड स्वीपिंग मशीन, वॉटर स्प्रे यूनिट, मैनुअल झाड़ूकर्मी और अन्य उपकरणों का उपयोग किया जाएगा। इससे सफाई कार्य में तेजी आएगी और मैनुअल श्रम पर निर्भरता कम होगी।
चयन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद नगर परिषद द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप एजेंसी को अनुबंध अवधि के लिए कार्य सौंपा जाएगा। परिषद ने यह भी स्पष्ट किया है कि एजेंसी को कार्य की नियमित रिपोर्टिंग, मॉनिटरिंग और सफाई की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी जाएगी।
बता दें कि नगर परिषद ने यह नया प्रयोग किया है। इस कार्य को जोन में बांटा गया है। इससे यह फायदा होगा कि सफाई कर्मचारियों पर निर्भरता कम होगी और मशीन का उपयोग करने से सफाई व्यवस्था भी ठीक होगी। मौजूदा समय में सफाई कर्मचारियों की भी कमी है, इसे देखते हुए नगर परिषद ने यह नई योजना तैयार की है।
सफाई कर्मचारियों की कमी से भी पैदा हो रही समस्या
शहर में पौने 3 लाख की आबादी पर 320 से अधिक सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं। आबादी को देखते हुए यह संख्या काफी कम है। करीब 170 सफाई कर्मचारियों की और जरूरत है। शहर में कुल 31 वार्ड हैं। कर्मचारियों की कमी से नियमित सफाई नहीं होती जिससे अधिकतर वार्डाें में जगह-जगह पर कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। कुछ वार्ड ऐसे भी हैं जिनमें सफाई व्यवस्था दम तोड़ चुकी है। सफाईकर्मियों की कमी कूड़े के उठान में बाधक बनी हुई है। शहर में रोजाना 110 टन कूड़ा निकलता है। शहर के 90 फीसदी लोग अब भी अपने घरों से निकलने वाले गीले और सूखे कूड़े को अलग नहीं कर रहे हैं।
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लोग बोले- कुछ सुधार होने की अब उम्मीद जगी
सेक्टर-3 के निवासी राजेश, सुनील और अजय ने बताया कि शहरीकरण के बीच सफाई व्यवस्था को मजबूत बनाना अत्यंत आवश्यक हो गया है। सेक्टरों में सड़कों पर धूल जमा रहने और कचरा उठाने में देरी से नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। अब उम्मीद जगी है कि कुछ सुधार होगा। सेक्टर-4 निवासी संजय गुप्ता ने कहा कि सड़कों पर धूल और कचरे की समस्या लंबे समय से बनी हुई थी। यदि नियमित सफाई होगी तो वातावरण स्वच्छ रहेगा और स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें भी कम होंगी। वहीं सेक्टर-4 निवासी अनीता शर्मा ने कहा कि मशीनाइज्ड स्वीपिंग से महिलाओं और बच्चों को स्वच्छ वातावरण मिलेगा जो शहर के लिए बड़ी राहत की बात होगी।
घर-घर कूड़ा उठाने के लिए लगाए गए टेंडर में 9 बिड आई
घर-घर कूड़ा उठाने के लिए पिछले दिनों लगाए गए टेंडर में 9 बिड आई है। नगर परिषद मंजूरी के लिए यह फाइल मुख्यालय भेजेगी। शहर की सफाई पर 29.28 करोड़ रुपये 5 वर्ष में खर्च किए जाएंगे। मौजूदा समय में शहर की सफाई के लिए शाॅर्ट टर्म टेंडर इस वजह से लगाया गया है ताकि सफाई व्यवस्था बाधित न हो। अगर 29.28 करोड़ वाली फाइल को मंजूरी मिल जाती है तो 1.25 करोड़ वाले टेंडर को रद्द कर दिया जाएगा।
वर्जन
सेक्टर 3 और 4 की सफाई को लेकर टेंडर जारी किया गया था। कार्य को जोन में बांटा गया है। घर-घर कूड़ा उठान के टेंडर पर 9 बिड आई थी। इस फाइल को मंजूरी का इंतजार है। -अंकित, एक्सईएन, नगर परिषद रेवाड़ी।