रेवाड़ी। सरकारी स्कूलों के विज्ञान शिक्षक अब प्लास्टिक प्रदूषण से निपटने के अचूक फॉर्मूले तैयार करेंगे। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) हरियाणा ने पहल करते हुए जिलास्तरीय टीचर्स साइंस सेमिनार-2026 का आयोजन कराने का फैसला लिया है। इसमें विज्ञान शिक्षक प्लास्टिक प्रदूषण के खात्मे पर मंथन करेंगे।
जिलास्तरीय टीचर्स साइंस सेमिनार 22 जनवरी को प्रदेश के सभी जिलों में स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के परिसर में ऑफलाइन मोड में की जाएगी। इसका उद्देश्य शिक्षकों के भीतर छिपी वैज्ञानिक प्रतिभा को बाहर लाना और उनके माध्यम से समाज को प्लास्टिक मुक्त बनाने का संदेश देना है।
विभाग का मानना है कि यदि शिक्षक इस गंभीर विषय पर जागरूक होंगे तो वे हजारों विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति बेहतर ढंग से प्रेरित कर सकेंगे। रेवाड़ी में यह आयोजन डायट हुसैनपुर में किया जाएगा। इस प्रतियोगिता की पात्रता को लेकर विभाग ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
सेमिनार में केवल सरकारी स्कूलों के टीजीटी (विज्ञान) और पीजीटी स्तर के भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान के शिक्षक ही हिस्सा ले सकेंगे। इसमें मॉडल संस्कृति स्कूल, पीएमश्री स्कूल और एएमएसएसएस के शिक्षकों को विशेष रूप से शामिल किया गया है, जबकि निजी स्कूलों के शिक्षकों को इस प्रतियोगिता से बाहर रखा गया है।
सेमिनार का ये रखा गया है विषय
सेमिनार का विषय रिड्यूसिंग प्लास्टिक पॉल्यूशन (प्लास्टिक प्रदूषण को कम करना) रखा गया है। भाग लेने वाले प्रत्येक शिक्षक को अपनी बात रखने के लिए मात्र 5 मिनट का समय दिया जाएगा। इस सीमित समय में उन्हें अपनी रिसर्च और नवाचार को बेहतर ढंग से पेश करना होगा। प्रस्तुति के लिए शिक्षक कंप्यूटर आधारित केवल 5 स्लाइड्स (पीपीटी) का ही उपयोग कर सकेंगे, जिससे उनकी तकनीक और विषय की पकड़ का भी पता चल सकेगा।
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इस तरह होगा अंकों का बंटवारा
सेमिनार में चयन प्रक्रिया पारदर्शी और चुनौतीपूर्ण बनाई गई है। कुल 100 अंकों के आधार पर शिक्षकों का मूल्यांकन होगा। इसमें 40 अंक वैज्ञानिक सामग्री (कंटेंट) के लिए, 15 अंक पीपीटी स्लाइड्स की नवीनता के लिए, 25 अंक धाराप्रवाह भाषण और 20 अंक विशेषज्ञों द्वारा पूछे गए मौखिक सवालों के जवाब देने के लिए रखे गए हैं। जिला स्तर पर जो दो शिक्षक सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे, उन्हें राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चुना जाएगा। इन विजेताओं के बीच 28 जनवरी को एससीईआरटी गुरुग्राम में महामुकाबला होगा। पूरे आयोजन की निगरानी के लिए मुख्यालय से विशेष टीमें जिलों का दौरा करेंगी, जो न केवल मॉनिटरिंग करेंगी बल्कि शिक्षकों को शैक्षणिक सहयोग भी प्रदान करेंगी। डाइट द्वारा इस आयोजन का खर्च वार्षिक ग्रांट से वहन किया जाएगा।
वर्जन
सेमिनार के जरिए हमारा उद्देश्य है कि विज्ञान के शिक्षक अपने अभिनव विचारों और तकनीकी ज्ञान का उपयोग कर इस प्रदूषण को कम करने के व्यावहारिक समाधान ढूंढें। विभाग की ओर से निर्देश मिले हैं कि, आयोजन को पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराएं।- रेनू यादव, जिला विज्ञान विशेषज्ञ, रेवाड़ी।