संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने कक्षा पहली से आठवीं तक की वार्षिक परीक्षाओं (सत्र 2025-26) और सप्लीमेंट्री (पूरक) परीक्षाओं की डेटशीट 9 जनवरी को जारी कर दी है। इसके तहत मार्च में वार्षिक और अप्रैल में सप्लीमेंट्री परीक्षाएं होंगी।
निदेशालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार कक्षा पहली से पांचवीं तक की वार्षिक परीक्षाएं 13 मार्च से 18 मार्च तक होंगी। इन कक्षाओं में अंग्रेजी, हिंदी, गणित और पर्यावरण अध्ययन विषयों की परीक्षाएं होंगी।
कक्षा छठी से आठवीं तक की परीक्षाएं 11 मार्च से 18 मार्च के बीच कराई जाएंगी। इनमें हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, संस्कृत, पंजाबी, उर्दू तथा ड्राइंग, संगीत, होम साइंस और एग्रीकल्चर जैसे विषय शामिल हैं।
निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि परीक्षाओं के लिए प्रश्नपत्र एससीईआरटी की ओर से उपलब्ध कराए जाएंगे, जिन्हें विद्यालय स्तर पर मुद्रित कर छात्रों की संख्या के अनुसार उपलब्ध करवाना अनिवार्य होगा। परीक्षा संचालन में उपयोग होने वाली अन्य सामग्री की व्यवस्था स्कूल स्तर पर फंड, एग्जाम फंड या अन्य फंड से की जाएगी।
इसके अलावा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत असफल विद्यार्थियों और ऐसे विद्यार्थियों को अप्रैल में होेने वाली सप्लीमेंट्री परीक्षा में अवसर दिया जाएगा जो अपने अंकों में सुधार करना चाहते हैं।
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कक्षा पहली से पांचवीं के लिए सप्लीमेंट्री परीक्षाएं 20 अप्रैल से
कक्षा पहली से पांचवीं के लिए सप्लीमेंट्री परीक्षाएं 20 अप्रैल से 25 अप्रैल तक आयोजित होंगी, जिनमें लिखित और मौखिक दोनों प्रकार के आकलन शामिल रहेंगे। बालवाटिका स्तर पर भी मौखिक आकलन किया जाएगा। कक्षा छठी से आठवीं के लिए सप्लीमेंट्री परीक्षाएं 20 अप्रैल से 1 मई के बीच आयोजित होंगी। इन परीक्षाओं में सभी प्रमुख विषयों को शामिल किया गया है, ताकि विद्यार्थी बिना एक साल गंवाए अगली कक्षा में आगे बढ़ सकें या अपने प्रदर्शन में सुधार कर सकें।
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परीक्षा और मूल्यांकन की प्रक्रिया विद्यालय स्तर पर होगी
विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने सभी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि परीक्षा और मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी तरह विद्यालय स्तर पर ही संपन्न करवाई जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि मूल्यांकन निष्पक्ष और पारदर्शी हो। आदेश में यह भी कहा गया है कि परीक्षा संचालन में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निदेशालय के इस फैसले से विद्यार्थियों और अभिभावकों को समय रहते परीक्षा की तैयारी का अवसर मिलेगा, वहीं सप्लीमेंट्री परीक्षा के माध्यम से छात्रों को दूसरी बार सफलता पाने का मौका भी मिलेगा।