कोसली। क्षेत्र के गांव झाडौद के पूर्व सरपंच ने पिछड़े वर्ग के वोट बटोरने के लिए उन्हें बीपीएल प्लाट बांट दिए हैं। पूर्व सरपंच दोबारा से चुनाव मैदान में है।
उसने दो साल पहले बनाई गई बीपीएल प्लाट धारकों की सौ वर्ग गज के प्लाट की रजिस्ट्रियां बीपीएल परिवारों को दी गई। यहां तक कि पंचायती जमीन पर बीपीएल प्लाटों की निशान देही करके नक्शा बना कर मौके पर 127 प्लाट उन प्लाट धारकों को सौंप दिए जो दो साल से रजिस्ट्रीयां होने के बाद भी प्लाट लेने से वंचित थे।
सरपंच ने पूरे मामले में ना कोई प्रशासन को सूचना दी ना ही गांव में मुनादी करवाई। इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जो भी बीपीएल प्लाट की निशानदेही कर रहा है वह गलत है। उसे अब कोई अधिकार ही नहीं है। उसके खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन में कार्रवाई होगी।
गांव के रतन सिंह का कहना है कि गांव में दो साल पहले बीपीएल प्लाट धारकों के लिए रजिस्ट्री करवाई गई थी लेकिन प्लाटो की निशानदेही नहीं कराई गई। आज सारे कानून कायदे ताक पर रख कर निशानदेही करा रजिस्ट्रियां पात्र लोगों को बंाट दी। इस मामले की पहले भनक लगने पर दो दिन पूर्व बीडीपीओ को शिकायत की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
क्या है मामला
कांग्रेस सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र में रह रहे बीपीएल परिवारों को रहने के लिए सौ सौ वर्ग गज के प्लाट देने कि योजना चलाई थी, जिसमें हर गांव में पंचायती जमीन पर पात्र लोगों को प्लाट वितरण का काम किया गया। झाड़ौदा में भी पात्र 127 बीपीएल परिवारो के सौ सौ वर्ग गज की रजिस्ट्रियां तो करवा दी लेकिन उन पात्र लोगों को ना तो रजिस्ट्रियां दी और ना ही उन्हें पंचायती जमीन पर प्लाटों कि निशान देही कराई गई। पात्र लोग सरपंच व खंड कार्यालय के चक्कर काटते रहे लेकिन कभी कुछ नहीं मिला। अब उन्हें रजिस्ट्रियां दी गई है।
क्या कहना है पूर्व सरपंच का
पूर्व सरपंच होशियार सिंह का कहना है कि उसने निशानदेही नहीं कराई बल्कि उन पात्र लोगों को रजिस्ट्रियां देकर यह बताया है कि आपके प्लाट पूर्व पंचायत ने निर्धारित किए थे। रजिस्ट्रियां जो उनके पास रखी थी वह तो पात्र लोगों को देनी ही थी। जब उनसे कार्यकाल पूरा होने के बाद चुनाव आचार संहिता के बीच रजिस्ट्रियां देने की वजह पूछी गई तो कोई जवाब नहीं दिया।
वर्जन
सरपंच को इस बारे में पहले ही हिदायत दी जा चुकी थी, इसके बाद भी उसने ऐसा करके आचार संहिता का उल्लंघन किया है। इस बारे में मुझे जानकारी मिलते ही डीडीपीओ के संज्ञान में मामला लाया जा चुका है जो नियमानुसार कार्रवाई होगी वह की जाएगी।
राजेंद्र ,बीडीपीओ, नाहड़
वर्जन
मामला संज्ञान में आ चुका है। जिस जगह से पूर्व सरपंच ने नामांकन भरा है, वहां के रिटर्निंग अधिकारी से उसे नोटिस जारी कराकर जवाब लिया जाएगा। जवाब देखने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
एसी कौशिक डीडीपीओ