पंचायती राज के चुनाव को लेकर गांव कढू के मतदाताओं के लिए गांव से 4 किलोमीटर दूर मामड़िया में बूथ बनाए जाने के कारण ग्रामीणों में जिला प्रशासन के प्रति रोष है।
इस के विरोध में गांव कढू में ग्रामीणों ने शुक्रवार की शाम को पंचायत बुलाई और निर्णय लिया गया कि अगर उनके गांव में मदतान बूथ नहीं बना तो, दूसरे वे मतदान का बहिष्कार करते हुए मतदान करने नहीं जाएंगे। यह निर्णय ग्रामीणों की सहमति से हुआ है, जिसका हर ग्रामीण पालन भी करेगा।
ग्रामीणों ने कहा कि जब भी चुनाव आते हैं तो अधिक मतदान के लिए लोगों को प्रेरित करने के लिए सरकार लाखों रुपये खर्च कर भारी प्रचार करती है। वहीं प्रशासन इस बात पर कभी ध्यान नहीं देती कि गांवों से कई किलोमीटर दूर बने पोलिंग बूथ के कारण कई लोग मतदान से वंचित रह जाते हैं।
यही कारण है कि गांवों का मतदान प्रतिशत भी कम रहता है। वृद्धों व महिलाओं को प्रत्याशियों के वाहनों का न चाहते हुए भी सहारा लेना पड़ता है। अब पंचायत चुनाव निकट आ गए हैं और इस बार भी गांव कढू के लोगों के लिए दूसरे गांवों में मतदान केंद्र बना दिया गया।
पंचायत में बुजुर्ग दीनदयाल सोनी, रामस्वरूप हवलदार, चितरू सिंह, लक्ष्मण सिंह राठौड़, सतपाल सोनी, सुरेंद्र नंबरदार, परमेश्वरी देवी, प्रेम देवी, संतोष देवी, बबली, त्रिलोकचंद ने बताया कि खंड खोल के गांव कढू का मतदान केंद्र 4 किलोमीटर दूर गांव मामड़िया आसमपुर में बना गया है।
गांव कढू में लगभग 350 मतदाता हैं और कढू व मामड़िया आसमपुर दोनों गांवों की एक ही पंचायत है। लेकिन जिला प्रशासन आजादी के बाद से ही मामड़िया आसमपुर में मतदान बूथ बनाता आ रहा है। इतनी दूर मतदान केंद्र होने से गांव के आधे से लोग मत का प्रयोग नहीं करते है।
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन को ग्रामीणों की समस्या दिखाई नहीं देती है। लेकिन ग्रामीण चुप बैठने वाले नहीं है और 4 किलोमीटर दूर बने मतदान केन्द्र का बहिष्कार करेंगे। उन्होंने बताया कि उनके गांव से दो पंच चुने जाते हैं। लेकिन गांव में आज तक मतदान केंद्र नहीं बनाया गया है।
सबसे बड़ी दिक्कत वृद्ध व महिला मतदाताओं के सामने पेश आती है। इस मार्ग पर यातायात के साधन पर्याप्त नहीं है। कढू में बूथ बनाए जाने को लेकर कई बार जिला प्रशासन से गुहार की। लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।
वर्जन
मुझे इस मामले की जानकारी नहीं है। अब बूथ को लेकर कुछ नहीं किया जा सकता है। ग्रामीणों को अब इसे लेकर उपायुक्त डॉ यश गर्ग से मिलकर अपनी समस्या रखनी चाहिए।
दीपक कुमार, बीडीपीओ, खोल