बावल। नगरपालिका परिसर में सफाई कर्मचारियों का धरना शुक्रवार को भी जारी रहा। सफाई कर्मचारियों ने कहा कि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो बड़े पैमाने पर आंदोलन किया जाएगा।
धरने की अध्यक्षता कर रहे अशोक कुमार ने कहा कि कर्मचारी लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं के समाधान को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
धरने के दौरान कर्मचारियों ने कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, विभागीय कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये प्रतिमाह तय करने तथा गुरुग्राम में निकाले गए 3,480 कर्मचारियों को दोबारा बहाल करने की मांग उठाई।
इसके अलावा कर्मचारियों की मृत्यु और सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपये मुआवजा देने तथा कोर्ट के फैसलों को लागू करने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि सरकार उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रही है, जिससे कर्मचारियों में भारी रोष है। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी दिन-रात मेहनत कर शहर को स्वच्छ रखने का काम करते हैं, लेकिन उन्हें मूलभूत सुविधाएं और सम्मान तक नहीं मिल रहा।
धरने का असर अब कस्बे की सफाई व्यवस्था पर भी साफ दिखाई देने लगा है। मुख्य बाजार सहित कई इलाकों में कूड़े के ढेर लग गए हैं। जगह-जगह फैली गंदगी से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नालियां गंदगी से अटी पड़ी हैं और दुर्गंध फैलने लगी है। कूड़े के ढेरों में पशु घूमते नजर आ रहे हैं, जिससे स्थिति और खराब हो रही है।
धरने में अशोक कुमार, बबीता, शीला, किरण, संदीप, योगेश, जवाहर सिंह, सुमन, कमलेश, रोहताश सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।