हड़ताल समापन समारोह में एकजुट कर्मचारी। स्रोत : यूनियन
रेवाड़ी। ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन (सीटू) और राज्य सरकार के बीच 17 मांगों पर सहमति बनने के बाद रविवार को ग्रामीण सफाईकर्मियों की हड़ताल खत्म हो गई। वक्ताओं ने कहा कि यह जीत कर्मचारियों की एकता, संघर्ष और लंबे आंदोलन का परिणाम है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि वार्ता में बनी सहमति के सभी बिंदुओं के आदेश जल्द जारी किए जाएं ताकि कर्मचारियों को समय पर लाभ मिल सके।
समझौते के तहत जनवरी 2026 से ग्रामीण सफाई कर्मचारियों के मानदेय में 2100 रुपये की बढ़ोतरी की जाएगी। वर्दी भत्ता 4000 से बढ़ाकर 6000 रुपये, धुलाई भत्ता 1000 से 1500 रुपये तथा औजार भत्ते में 2000 रुपये की वृद्धि की जाएगी। कर्मचारियों को 24 हजार रुपये तक का ब्याज मुक्त अग्रिम अनाज ऋण भी उपलब्ध कराया जाएगा।
सरकार ने ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर आश्रित को नौकरी देने, पुलिस विभाग की तर्ज पर बीमा सुविधा लागू करने तथा सामान्य मृत्यु की स्थिति में 10 लाख रुपये की सहायता राशि देने पर भी सहमति जताई है। इसके अलावा 60 वर्ष की आयु पूरी करने पर न्यूनतम 3 लाख रुपये का सेवानिवृत्ति लाभ दिया जाएगा।
समझौते में नई भर्तियां करने, जनसंख्या के आधार पर सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति, सुपरवाइजर पदों पर कर्मचारियों की तैनाती तथा चुनाव ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को अतिरिक्त भत्ता देने जैसे महत्वपूर्ण बिंदु भी शामिल हैं।
इस मौके पर राजकुमार, रमेश कुमार, रामचंद, मनोज कुमार समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण सफाई कर्मचारी मौजूद रहे।