राजस्थान सीमा से लगते प्राणपुरा व झाबुआ मार्ग पर रोडवेज बस सेवा न होने से यहां के विद्यार्थियों को ऑटो पर लटकर स्कूल पहुंचना पड़ता है। पिछले दस वर्षों से समस्या जस की तस बनी हुई है। इस समस्या को अमर उजाला के प्रकाशित करने के बाद गुरुवार को इन गांवों के ग्रामीणों व सामाजिक संगठनों ने रोडवेज जीएम को ज्ञापन सौंपा। इससे पूर्व बुधवार को छात्र संगठनों ने भी इस समस्या की बाबत रोडवेज जीएम को ज्ञापन सौंपा था।
ग्राम पंचायत झाबुआ के ग्रामीणों ने बताया कि गांव से सैकड़ों की संख्या में शिक्षा ग्रहण करने के लिए छात्राएं एवं विद्यार्थी बावल आते हैं। गांव से बावल के लिए राज्य परिवहन की बस सुविधा नहीं होने से छात्राओं को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बसों के अभाव के कारण छात्राओं को शिक्षण में परेशानी आ रही हैं। झाबुआ से बावल तक बस सेवा शुरू होने से इस रूट पर पड़ने वाले 8 गांवों की छात्राओं एवं विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा। ज्ञापन के माध्यम से झाबुआ से वाया दुल्हेड़ा कलां, दुल्हेड़ा खुर्द, नंगली परसापुर चौक से बावल रूट पर सुबह 8 बजे, दोपहर 2 बजे व शाम को 5 बजे आवागमन सुविधा की सुविधा के लिए बस संचालन की मांग की गई। वहीं गांव बाधोज से खिजूरी, बीदावास, नंगली परसापुर होते हुए बावल के लिए राज्य परिवहन बस सेवा शुरू करने की मांग की गई। ज्ञापन सौंपने वालों में सुबेदार रामचंद्र टीकला, जीतरामलौर, सरजीत सिंह, मनफूल, रणधीर, सतेंद्र खिजूरी, मीरसिंह, धर्मपाल, सरदारा, भरत, झम्मनलाल सतबीर, हुकम सिंह नंबरदार, रणसिंह, बिजेंद्र व अन्य ग्रामीण शामिल रहे।
आज और कल सर्वे कराएगा रोडवेज
राज्य परिवहन रेवाड़ी डिपो के महा प्रबंधक नवीन कुमार भारद्वाज ने बताया कि संबंधित मार्ग द्वारा सर्वे शुरू करवा दिया गया है। शुक्रवार व शनिवार को सर्वे पूरा कर लिया जाएगा । इसके बाद बस सेवा शुरू होने की पूरी संभावना है। जीएम ने बताया कि सर्वे में कहां से कहां तक बस सेवा शुरू करनी है इसके लिए रूट पर पड़ने वाले बस स्टैंड व गांवों आदि का निरीक्षण किया जाएगा। इसके बाद रूट मैप तैयार कर बस सेवा शुरू की जाएगी।