रेवाड़ी। लोक निर्माण विभाग की वार्षिक कार्ययोजना को मंजूरी मिलने के बाद सड़कों की मरम्मत के लिए टेंडर जारी किए गए हैं। पीडब्ल्यूडी विभाग करीब 40 करोड़ रुपये की लागत से जिले के रेवाड़ी, बावल और कोसली विधानसभा क्षेत्र में जर्जर सड़कों की मरम्मत कराएगा। बारिश से जर्जर हुई सड़कों की मरम्मत होने से लोगों को आवागमन में सहूलियत होगी।
पीडब्ल्यूडी ने वार्षिक कार्ययोजना तैयार करते समय जिले की सड़कों का सर्वे कराया था। इसमें प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र की करीब 20 से 25 सड़कें चिह्नित की गईं थीं, जिनकी स्थिति काफी खराब पाई गई थी। शहर और गांवों को जोड़ने वाली लिंक सड़कें सबसे ज्यादा खराब हालत में थीं।
बारिश के दिनों में इन सड़कों पर बने गड्ढों के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। ग्रामीण इलाकों से जुड़ी कई सड़कें ऐसी थीं जहां बड़े वाहन निकलना तो दूर, दोपहिया चालकों को भी परेशानी होती थी।
इसको देखते हए लोक निर्माण विभाग ने सभी प्रस्तावित सड़कों की सूची बनाकर मुख्यालय भेजी थी। मुख्यालय से मंजूरी मिलने के बाद अब टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि टेंडर जारी होने के साथ ही जल्द ही ठेकेदारों को काम आवंटित कर दिया जाएगा। इसके बाद अगले माह से जिलेभर में सड़कों की मरम्मत का कार्य शुरू हो जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि जिन सड़कों की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त किया जाएगा। विभाग का लक्ष्य है कि आगामी कुछ महीनों में जिले की सभी चिह्नित सड़कें बेहतर स्थिति में आ जाएं। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार, इस बार सड़क सुधार कार्य को गुणवत्ता के आधार पर करवाने पर विशेष ध्यान रहेगा।
पीडब्ल्यूडी हर साल विधानसभावार वार्षिक कार्ययोजना तैयार करता है, जिसे वर्क प्रोग्राम कहा जाता है। इसमें जिले की सभी मुख्य और लिंक सड़कों का सर्वे कर उनकी स्थिति का आकलन किया जाता है। जिन सड़कों की हालत बेहद खराब मिलती है, उन्हें सूची में शामिल कर मुख्यालय को भेजा जाता है। मुख्यालय से मंजूरी मिलने के बाद बजट जारी किया जाता है और टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ठेकेदारों को काम सौंपा जाता है।
लिंक और मुख्य मार्गों की सुधरेगी दशा
रेवाड़ी विधानसभा क्षेत्र में शहर के अंदरूनी मार्ग और लिंक सड़कें सुधारी जाएंगी। इससे ट्रैफिक जाम की समस्या और दुर्घटनाओं पर अंकुश लगेगा। इसमें धारूहेड़ा का औद्योगिक क्षेत्र भी शामिल है। बावल विधानसभा में औद्योगिक क्षेत्र और गांवों को जोड़ने वाली सड़कें दुरुस्त की जाएंगी, जिससे उद्योगों तक आवागमन सुगम होगा। कोसली विधानसभा में ग्रामीण इलाकों की सड़कें प्राथमिकता पर हैं। इन मार्गों के सुधरने से गांवों से शहर तक सफर आसान होगा। 100 किलोमीटर से अधिक की सड़कें ठीक होंगी।
सड़क हादसों में हर वर्ष होती हैं मौतें
सड़क दुर्घटना में 2020 में 271 लोगों की मृत्यु हुई थी और 631 घायल हुए थे। 2022 में 211 लोगों की मृत्यु और 500 लोग घायल हुए थे। 2023 में 227 लोगों की मौत और 514 लोग घायल हुए थे। 2024 में 210 लोगों की मृत्यु और 765 लोग घायल हुए थे। 2025 में अभी तक 90 से अधिक लोगों की मौत व 120 लोग घायल हो चुके हैं। सड़कें दुरुस्त होंगी तो सड़क दुर्घटना में भी कमी आएगी।
वर्जन:
लोक निर्माण विभाग ने जिले की तीनों विधानसभा क्षेत्रों रेवाड़ी, बावल और कोसली में सड़क सुधार और मरम्मत कार्यों के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं। विभाग ने इस कार्य पर करीब 40 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई है। ये कार्य वार्षिक कार्य योजना के तहत होगा। -सत्येंद्र, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग