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नारनौल रोड से लेकर आईओसी चौक तक बदहाल सड़क के भरे जा रहे हैं गड्ढे

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रेवाड़ी। मंगलवार को एनएचएआई ने शहर के नारनौल रोड से लेकर आईओसी चौक तक की सड़क को ठीक करना शुरू कर दिया है। बदहाल सड़क को लेकर अमर उजाला ने 30 मई के अंक में समाचार को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसमें बताया गया था कि आखिर बदहाल सड़क को क्यों सही नहीं किया जा रहा है।
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तीन दिन की बारिश के बाद बदहाल सड़क को सही करने को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) व पीडब्ल्यूडी की एनएच विंग के बीच खींचतान चल रही थी। केेंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के दखल के बाद एनएचएआई ने शहर के नारनौल रोड से लेकर आईओसी चौक तक गड्ढों में तबदील सड़क मेें सुधार का काम शुरू किया है। बता दें कि शहर के बीच की इस सड़क के ट्रांसर्फर पर वर्ष 2019 से मंथन चल रहा है, आईओसी चौक से एनएच-8 के बनीपुर चौक तक साढ़े 9 किमी लंबी सड़क पीडब्ल्यूडी की ओर से बनाई गई थी। तब तत्कालीन पीडब्ल्यूडी मंत्री राव नरबीर ने आईओसी चौक से लेकर बावल चौक तक की सड़क को भी एनएचएआई से लेकर बनवाने की बात कही थी। लेकिन इसका स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है।
-24 व तीन करोड़ के एस्टीमेट पर फंसा हुआ है पेंच
लोक निर्माण मंत्री की घोषणा के बाद करीब दो किमी लंबे इस इस टुकड़े को बनाने के लिए पीडब्ल्यूडी व एनएचएआई की ओर एस्टीमेट बनाया गया था। एनएचएआई की माने तो करीब 6 माह तक पीडब्ल्यूडी ने एस्टीमेट बनाकर ही नहीं दिया, इसके बाद एनएचएआई की ओर से करीब तीन करोड़ का एस्टीमेट बनाया गया। लेकिन पीडब्ल्यूडी ने इसके बाद 24 करोड़ रुपये का एस्टीमेट बनाकर एनएचएआई को सौंप दिया। एनएचएआई का कहना है कि वह सड़क बनाकर देने से लेकर एकमुश्त राशि देने के लिए तैयार है, लेकिन पीडब्ल्यूडी की ओर से अड़चन लगाई जा रही है।
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-एनएचआई कारपेटिंग करने को तैयार
बदहाल सड़क के चलते शहरवासियों को परेशान होना पड़ रहा है। एनएचआई अधिकारियों का कहना है कि वे पूरी सड़क की कारपेटिंग करने को तैयार हैं, इससे सड़क आसानी से 4-5 साल चल जाएगी। लेकिन पीडब्ल्यूडी की ओर कोई जवाब नहीं मिल रहा है। समाधान को लेकर डीसी को पत्र लिखा गया है। उम्मीद है कि प्रशासन एनएचएआई व पीडब्ल्यूडी के बीच जल्द ही समाधान कराएगा।
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एनएचआई की ओर से एस्टीमेट में इसके निर्माण की कीमत करीब तीन करोड़ रुपये बताई गई थी। पीडब्ल्यूडी की ओर से पता नहीं कहां से 24 करोड़ का एस्टीमेट बना दिया गया। एनएचएआई ट्रांसर्फर से पहले बनाकर देने को भी तैयार है, लेकिन पीडब्ल्यूडी की ओर से अलग-अलग बात कही जा रही है। समाधान के लिए डीसी को पत्र लिखा गया है। उम्मीद है कि इसी सप्ताह एक संयुक्त बैठक में समाधान निकाला जाएगौ। वहीं मंगलवार को गड्ढे भरने का काम शुरू कर दिया गया है।
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-पीके कौशिक, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई
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