पीडब्ल्यूडी की ओर से बनाई योजनाएं धरातल पर उतरीं तो रेवाड़ी के चारों तरफ रोहतक की तर्ज पर सड़कों का न केवल जाल बिछ जाएगी बल्कि सड़कें भी चौड़ी और सपाट होंगी।
महकमे ने सभी योजनाओं पर काम शुरू कर दिया है। रविवार को रेवाड़ी आए पीडब्ल्यूडी मंत्री राव नरबीर सिंह ने अधिकारियों से सभी प्रोजेक्ट्स पर बातचीत की।
जब अधिकारियों एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के डीजीएम ऑफिस को झज्जर की बजाए रेवाड़ी में खोलने की बात रखी तो मंत्री ने तत्काल महकमे के उच्चाधिकारियों को फोन लगाकर इसके निर्देश दिए।
डीजीएम ऑफिस खुलने से प्लानिंग बोर्ड के कार्यों को तेजी आएगी। मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि सर्कुलर रोड के साथ सभी बड़ी सड़कों को ठीक किया जाएगा। जिले की ऐसी कोई सड़क नहीं बचेगी, जिस पर किसी को परेशानी हो। उन्होंने अपने आवास पर कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात की।
यह होंगे काम
रेवाड़ी से रोहतक, दिल्ली, बावल, नारनौल, महेंद्रगढ़ की तरफ रास्ते निकलते हैं। ऐसे में गुडग़ांव से पटौदी होकर रेवाड़ी तक फोरलेन बनाया जाएगा। इसमें कुछ दिक्कत पटौदी बाईपास को लेकर आ रही है। यह मामला निपटने के बाद गुड़गांव से रेवाड़ी के तक लोगों के लिए यह रास्ता सफर सुगम कर देगा।
इसके अलावा रेवाड़ी से नेशनल-हाईवे आठ को जोडने के लिए टू-लेन को भी फोरलेन बनाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट मंत्रालय को भेजा जा चुका है। इसे नेशनल हाइवे बनाया जाएगा। रेवाड़ी-नारनौल रोड को भी चौड़ा किया जाएगा। फिलहाल साढ़े सातीन चौड़े इस मार्ग को दस मीटर चौड़ा जाएगा। जिससे वाहन सुगमता से निकल सकेंगे।
122 करोड़ से बनेगा बाईपास
शहर के बाहर केवल नारनौल और झज्जर रोड को जोडने के लिए बाईपास नहीं है। इसकी प्लानिंग भी बन चुकी है। इस पर करीब 122 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। यह बाईपास बनने के बाद शहर के बाहर पूरा सर्कल बन जाएगा। ऐसे में भारी वाहन अंदर नहीं आ सकेंगे। नारनौल रोड से झज्जर रोड के बीच बनने वाले बाईपास में तीन आरओबी और एक आरयूबी भी बनेगा। ताकि रेलवे लाइनों की वजह से यातायात संचालन में परेशानी न हो।
बदलेगी सर्कुलर रोड की दशा
शहर के सर्कुलर रोड की दशा बदलने के लिए पीडब्ल्यूडी ने प्लानिंग कर ली है। धारूहेड़ा चुंगी से झज्जर चौक और रेलवे स्टेशन से नाईवाली चौक की तरफ 300 मीटर दूर तक इसे दोबारा बनाया जाएगा। पूरे सर्कुलर रोड पर पानी निकासी के लिए ड्रेनेज सिस्टम बनाया जाएगा। यदि जरूरत पड़ी तो डिवाइडर भी बनाए जा सकते हैं। दोनों तरफ दुकानों तक इंटर लॉकिंग टाइल्स लगाई जाएगी। जिससे इस रोड पर मिट्टी भी नहीं उड़ेगी। इस रोड पर आठ करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए जाएंगे।