रेवाड़ी। उमस भरी गर्मी में लगातार पसीना आने के कारण लोगों में फंगल इन्फेक्शन के मामले बढ़ने लगे हैं। नागरिक अस्पताल की त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. रेखा यादव ने बताया कि गर्मी और उमस के मौसम में त्वचा पर फंगस तेजी से पनपता है।
उन्होंने बताया कि शरीर के मुड़े हुए हिस्सों जैसे बगल, जांघों के बीच, गर्दन, कमर और पैरों की उंगलियों के बीच फंगल संक्रमण होने की संभावना अधिक रहती है। इस संक्रमण में खुजली, लाल चकत्ते, जलन और त्वचा का छिलना जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं।उन्होंने बताया कि लंबे समय तक पसीने वाले कपड़े पहनने, गीले कपड़े देर तक शरीर पर रखने और व्यक्तिगत स्वच्छता में लापरवाही बरतने से संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसलिए रोजाना स्नान करें, शरीर को अच्छी तरह सुखाएं और सूती व ढीले कपड़े पहनें ताकि त्वचा पर नमी जमा न हो।
उन्होंने ने सलाह दी कि तौलिया, कपड़े और अन्य व्यक्तिगत उपयोग की वस्तुएं किसी के साथ साझा न करें। यदि शरीर पर लगातार खुजली, लाल दाग या गोलाकार चकत्ते दिखाई दें तो स्वयं दवा या स्टेरॉयड युक्त क्रीम का उपयोग करने की बजाय त्वचा रोग विशेषज्ञ से परामर्श लें। गलत क्रीम लगाने से संक्रमण और अधिक गंभीर हो सकता है तथा ठीक होने में अधिक समय लग सकता है।
उन्होंने कहा कि मधुमेह के मरीज, अधिक पसीना आने वाले लोग और जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। समय पर इलाज और उचित स्वच्छता अपनाकर फंगल संक्रमण से आसानी से बचाव किया जा सकता है।