संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश लोकेश गुप्ता ने यौन उत्पीड़न के बाद पांच साल के बच्चे की हत्या करने के मामले में ओडिशा बालेश्वर निवासी किशोरचंद पंडा को दोषी करार देते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 71 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
पश्चिम बंगाल निवासी एक व्यक्ति ने 22 अप्रैल 2021 को शिकायत में बताया था कि वह रामपुरा थाना क्षेत्र के एक गांव में अपनी पत्नी और 5 साल के बेटे के साथ किराये पर रहता है। 19 अप्रैल 2021 को वह पत्नी के साथ घर का सामान लाने के लिए बाजार गया था।
वह अपने पांच साल के बेटे को पड़ोस में किराये पर रहने वाले ओडिशा के बालेश्वर निवासी किशोर चंद पंडा के पास देखभाल के लिए छोड़ दिया था। जब वह रात करीब साढ़े 9 बजे पत्नी के साथ कमरे पर पहुंचा तो उनका बेटा बेड पर बेसुध हालत में पड़ा हुआ मिला था।
वह अपने बेटे को लेकर शहर के ट्रामा सेंटर में पहुंचा, जहां उसे पीजीआई रोहतक के लिए रेफर कर दिया गया। पीजीआई रोहतक में चिकित्सकों ने बताया कि बच्चे का यौन उत्पीड़न हुआ है और उसका गला दबाकर हत्या करने की कोशिश की गई है। पुलिस ने बच्चे के पिता की शिकायत पर थाना रामपुरा में पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज करके जांच शुरू की थी।
उपचार के दौरान अस्पताल में बच्चे की हुई थी मौत
जांच के बाद थाना रामपुरा पुलिस ने मामले में संलिप्त आरोपी किशोर चंद पंडा को 23 अप्रैल 2021 को गिरफ्तार कर लिया था। 27 अप्रैल 2021 को उपचार के दौरान बच्चे की अस्पताल में मौत हो गई थी। बच्चे की मौत के बाद पुलिस ने मामले में आरोपी के खिलाफ हत्या की धारा जोड़ी थी।
पुलिस ने जांच के बाद अदालत में चार्जशीट दायर की थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अदालत में साक्ष्य प्रस्तुत किए और गवाहों के बयान भी दर्ज कराए। साक्ष्यों और सभी पहलुओं पर सुनवाई के बाद फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट के एएसजे लोकेश गुप्ता ने आरोपी किशोर चंद पंडा को दोषी करार देते हुए जुर्माना भी लगाया है।