रेवाड़ी जिले की सरकार जिले के विकास के प्रति कितनी संजीदा है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि विकास कार्यों के लिए आई हुई करोड़ों क ग्रांट चार महीने से खातों में ही पड़ी है। अभी तक जिला परिषद ने इस ग्रांट को लेकर कोई योजना तक तैयार नहीं की है। जिले के अनेक ऐसे गांव है, जो विकास कार्यों के लिए तरस रहे हैं। उधर जिप प्रमुख अभी तक एक बैठक होने का तर्क देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रही हैं।
मिली थी 3 करोड़ की ग्रांट
जिला परिषद में 31 मार्च 2016 को तीन करोड़ की ग्रांट आई थी। इस राशि के तहत गांवों में गलियों के साथा नाली, चौपाल, सामुदायिक केंद्र एवं शमशान भूमि में चार दीवारी एवं शेड का काम किया जाना था। 21 अप्रैल को जिला प्रमुख की द्वारा पद की शपथ ली गई थी। तब से लेकर अब तक जिप की अभी तक एक ही बैठक हो पाई है। बैठक में भी उक्त ग्रांट पर कोई निर्णय नहीं लिया गया था। हालांकि सभी पार्षदों को अपने-अपने क्षेत्र के कार्यों की लिस्ट मांगी गई थी। लेकिन बुधवार तक इस पर कोई कार्य नहीं हो पाया था। जिप की अगली बैठक 18 अगस्त हो बुलाई गई है।
काम कम, राजनीति ज्यादा
जिले के जिप पार्षद दो खेमों में बंटे हुए हैं। अभी तक हुई एकमात्र बैठक में ही काम कम राजनीति ज्यादा हुई। इसके बाद से दूसरी बैठक नहीं हो सकी है। मगर पहली बैठक में पार्षदों की कार्यप्रणाली को देखकर दूसरी बैठक से आस लगाना मुश्किल लग रहा है। हालांकि जिप प्रमुख का दावा है कि सभी पार्षदों को साठ लेकर जिले में विकास कार्य कराए जाएंगे।
गांव गांव में जाकर की चर्चा
ग्रांट खर्चने में देरी होने पर जिप का तर्क है कि ग्रंाट मिलने के बाद गांव-गांव जाकर वहां की प्रमुख समस्याओं के बारे में चर्चा की गई। ग्रामीणों द्वारा बताई गई समस्याओं के आधार पर योजना तैयार की जाएगी कि किस गांव में कौन से कार्य कराए जाने है।
तीन करोड़ की ग्रांट गलियों,नाली, चौपाल, सामुदायिक केंद्र एवं शमशान भूमि में कार्यों के लिए आई थी। पैसे के सदुपयोग के लिए सभी पार्षदों को गांवों ने इन कामों के लिए योजना बनाने के लिए कहा गया था। सभी अपने-अपने क्षेत्र में प्राथमिकता के हिसाब से कार्यों की लिस्ट तैयार कर रहे हैं। 18 अगस्त को होने वाली मीटिंग में कार्यों को सिरे चढ़ाया जाएगा।
-मंजूबाला, जिला प्रमुख, रेवाड़ी
तीन करोड़ की ग्रांट 31 मार्च को ही आ गई थी। बैठक नहीं होने के चलते इसकी कार्य योजना नहीं बन पाई है। उम्मीद है कि आगामी बैठक में इसकी कार्य योजना बन जाएगी।
-आरसी शर्मा, डिप्टी सीओ, जिला परिषद