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रेड जोन फरीदाबाद को कोरोना मुक्त करने की मुहिम में जुटा रेवाड़ी का बेटा

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मोबाइल कोविड-19 लैब से मंडी में जांच कार्यों का निरीक्षण करते हुए सीएमओ डॉ. कृष्ण कुमार। - फोटो : Rewari
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प्रदेश में फरीदाबाद व सोनीपत रेड जोन में हैं। इनमें से फरीदाबाद को कोरोना से मुक्त करने का जिम्मा जिले के गांव भटेड़ा निवासी डॉ. कृष्ण कुमार पर है। डॉ. कृष्ण कुमार फरीदाबाद में बतौर सीमएओ अपनी ड्यूटी दे रहे हैं।
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जैसे ही फरवरी में रेवाड़ी से उनका ट्रांसफर फरीदाबाद हुआ तो जाते ही कोविड-19 की तैयारियों पर लग गए। अधिकतर शहरी क्षेत्र होने के चलते व बहारी आबादी की अधिकता में कोरोना को रोकना बड़ी जिम्मेदारी थी। चार्ज संभालते ही क्वारंटीन सेंटर बनाने से लेकर अस्पतालों के लिए पीपीई किट व अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करना बड़ी जिम्मेदारी थी। यही कारण है कि दो माह से ज्यादा समय से अपने परिवार से भी दूरी बनाए हुए हैं। प्रत्येक दिन 12-16 घंटे काम की व्यस्तता के चलते अपने ही घर में किराएदार बनकर रह गए हैं।
खुद कंटेनमेंट से लेेकर आढ़तियों की कराते हैं जांच
बतौर सीएमओ रहते हुए कोई भी अधिकारी को अपने आदेशों का निर्वहन कराना होता है। लेकिन डॉ. कृष्ण कुमार कंटेनमेंट जोन में व्यवस्थाओं का निरीक्षण से लेकर आढ़तियों की जांच कराने तक खुद पहुंच रहे हैं। प्रदेश भर में आजादपुर सब्जी मंडी से संक्रमण निकलने के कारण इन दिनों सब्जी मंडियों में आढ़तियों व वेेेंडर की जांच कराना जरूरी है। इसके अलावा 12 कंटेनमेंट जोन में 200 से अधिक टीमों की ओर से जांच कराई जा रही है।
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एक माह बीता बच्चों से नहीं हुई बात
बतौर सीएम डॉ. कृष्ण कुमार ने बताया कि मार्च माह में क्वारंटीन सेंटर बनाने से लेकर अन्य व्यवस्थाओं में समय बीत गया। लेकिन अप्रैल माह में पॉजिटिव केस आने के बाद सुबह आठ बजे ही ऑफिस शुरू हो जाता है। ऑफिस रात 12 बजे तक चलता है। दिन पर भी मीटिंग व फोन कॉल पर केंद्र व प्रदेश सरकार से लेकर प्रशासन की गाइडलाइन का पालना कराने की योजना में चलती है। हालात ऐसे हैं कि बीते एक माह से बच्चों से बात तक करने का समय नहीं मिल पाया है। सुबह सब सोते रहते हैैं, ऑफिस आना होता है। घर पहुंचते हैं तो सब सो चुके होते हैं। घर में ही किराएदार की तरह रहना पड़ रहा है। कमरे के अंदर खाना रखा हुआ मिलता है। बतौर डॉ. कृष्ण कुमार अब समय अपने बारे में सोचने का नहीं है। सभी को मिलकर कोरोना का हराना है। सरकार, प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग काम मिलकर काम कर रहे हैं। लोगों को भी पूरा सहयोग मिल रहा है, लेकिन अभी लड़ाई बाकी है। सभी लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना जरूरी है।
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