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मंडी प्रशासन के पास नहीं पर्याप्त संसाधन, तिरपाल के अभाव में खुला पड़ा सरसों-गेहूं भीगा

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मंडी में खुले में पड़ा हुआ गेहूं, वहीं खानापूर्ति के लिए ढकी गई तिरपाल। - फोटो : Rewari
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मौसम विभाग की ओर से पहले ही चेतावनी देने के बावजूद मंडी प्रशासन गेहूं व सरसों को बचाने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं जुटा सका। हालात ऐसे हैं कि जिले की 22 में से 18 मंडियों में में करीब 32 लाख क्विंटल सरसों व गेहूं भीग गया।
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दिनभर तेज हवाओं व बादल छाये रहने के बाद दोपहर बाद शाम पांच बजे हल्की बूंदाबांदी से किसानों के साथ सरकार की ओर से खरीदी सरसों व गेहूं की फसल भीग गई। देर रात तक बूंदाबांदी चलती रही। मौसम विभाग की ओर से तीन से लेकर 6 मई तक मौसम परिवर्तनशील रहने की आशंका जताई गई है। रविवार देर शाम तक की बात करें तो दो एमएम बारिश होने की अनुमान है।
सरकार की ओर से नई अनाज मंडी, बिठवाना मंडी, कोसली, बावल, धारूहेड़ा में गेहूं व सरसों की खरीद की जा रही है। बावल के बोलनी व धारूहेड़ा खरखड़ा कॉलेज में चल रही खरीद जहां टीनशेड के नीचे रखी गई है। वहीं शहर की बिठवाना मंडी से लेकर अन्य मंडियों में खुले में खरीद पड़ी हुई है।
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रविवार को अधिकतम तापमान में 3.5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज
शुक्रवार को जिले में इस सीजन का सबसे ज्यादा अधिकतम 40 डिग्री तापमान दर्ज किया गया था। वहीं शनिवार को एक डिग्री की गिरावट के साथ तापमान 39 डिग्री रहा, लेकिन रविवार को सुबह से ही बादल छाये रहने के कारण अधिकतम तापमान में 3.5 डिग्री सेल्यियस की गिरावट दर्ज की गई। रविवार को अधिकतम तापमान 35.5 व न्यूनतम 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
6 मई तक बूंदाबांदी के आसार, तिरपाल से ढककर रखे फसल किसान
मौसम विभाग की ओर से कहा गया है कि पश्चिम विक्षोभ के प्रभाव के कारण तीन से लेकर 6 मई के बीच राज्य में तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी व बारिश के आसार हैं। ऐसे में किसानों को सलाह दी जाती है कपास की बिजाई सात मई तक रोक दें। वहीं जिन किसानों की गेहूं की कटाई बची हुई है, उसे जल्द पूरा करें। इसके अलावा किसानों को सलाह दी जाती है कि गेहूं व सरसों को मंडी ले जाते समय तिरपाल जरूर साथ रखें, ताकि मौसम बदलने पर उपज को ढका जा सके।
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