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बिना वेंटिलेटर चल रहा जिला नागरिक अस्पताल

Thu, 01 Sep 2016 01:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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रेवाड़ी  जिले का सबसे बड़ा नागरिक अस्पताल बिना वेंटिलेटर के चल रहा है। ऐेसे में यहां आने वाले मरीज खुद अपनी जान जोखिम में डाल रहा है। हालत बिगडने पर डॉक्टरों मरीजों रोहतक को रेफर कर अपना पिंड छुड़ा लेते हैं।
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नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन करीब 1200 मरीज अपना इलाज कराने के लिए आते हैं। इनमें सीरियस मरीजों को अस्पताल में एडमिट किया जाता है। लेकिन ताज्जुब की बात है कि अस्पताल में वेंटिलेटर ही नहीं है। यह समस्या आज की बल्कि वर्षों पुरानी है। सूत्र इसका कारण अस्पताल प्रशासन का रुचि कम लेना बता रहे हैं। वहीं अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इस संबंध में उच्चधिकारियों को पता है। वहां से आने के बाद ही कुछ हो सकता है।

यह होगा लाभ
देखा जाए तो वेंटिलेटर कृत्रिम श्वांस लेने की मशीन है। यह जीवन रक्षक मशीन है। कभी मरीज की श्वांस रुकने पर मरीज को वेंटिलेटर पर रखकर लंग्स से ऑक्सीजन जोड़ी जाती है। अगर फेफड़े काम रह रहे हैं तो माना जाता है कि मरीज जीवित है। यह अति आवश्यक है। इसके बिना क्रिटिकल मरीज का बच पाना मुश्किल हो जाता है। इसे ऑपरेट करने के लिए एनेस्थेटिक की जरूरत होती है। वह अस्पताल में नही है। सर्जरी के समय भी मरीज को इसकी बहुत जरूरत होती है। लेकिन अस्पताल में सर्जरी भी नहीं हो रही है।
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बच्चों की जान भी खतरे में
नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन पांच से छह नवजात क्रिटिकल स्थिति के चलते एसएनसीयू वार्ड में भर्ती किए जाते हैं। लेकिन वेंटिलेटर नहीं होने से इन नवजातों को रोहतक रेफर करना पड़ता है। ऐसे में कई बार नवजात शिशुओं की जान खतरे में पड़ जाती है। करीब 20 नवजात एसएनसीयू वार्ड में हमेशा भर्ती रहते हैं। अधिकतर ऐसे नवजात जिनका जन्म समय से पहले, कम वजन, पीलिया, बच्चे का नीला पड़ जाना एवं तेज बुखार होता है। उन्हें एसएनसीयू वार्ड में भर्ती किया जाता है।

स्वास्थ्य विभाग को इसके लिए कई बार लिखा जा चुका है। वेंटिलेटर के लिए अलग से एक प्रोजेक्ट होता है। उम्मीद ही उच्च अधिकारी जल्द इस सुविधा को नागरिक अस्पताल के लिए उपलब्ध कराएंगे।
-डॉ सुदर्शन पंवार, एसएमओ, रेवाड़ी नागरिक अस्पताल

- नागरिक अस्पताल में वेंटिलेटर का नहीं होना बहुत चिंताजनक बात है। इसके लिए चिकित्सा मंत्री से बात कर अस्पताल में इसकी व्यवस्था कराई जाएगी।
- विक्रम सिंह यादव, पूर्व मंत्री एवं विधायक कोसली

अस्पताल में वेंटिलेटर के लिए सरकार से बात की जाएगी। यह सीधा जनता से जुड़ा मुद्दा है। इसकी जिले को बहुत जरूरत है।
- डॉ. बनवारीलाल, जनस्वास्थ्य राज्यमंत्री

नागरिक अस्पताल में वेंटिलेटर नहीं होना सरकार की नाकामी है। इतना बड़ा अस्पताल होने के बाद वेंटिलेटर तो होना ही चाहिए। मेरे समय में यहां वेंटिलेटर था लेकिन चलाने वाला नहीं था।
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- कैप्टन अजय यादव, पूर्व विधायक, रेवाड़ी

अस्पताल को वेंटिलेटर की बहुत जरूरत है। यह पूरे जिले की मांग है। इसके लिए सभी जरूरी प्रयास किए जाएंगे।
रणधीर सिंह कापड़ीवास, विधायक, रेवाड़ी।

नागरिक अस्पताल में वेंटिलेटर की बहुत जरूरत है। इसमें खर्चा बहुत ज्यादा आता है। इसके लिए विशेषज्ञ भी चाहिए। सारे निर्णय सरकार की ओर से होने हैं।
डॉ. यश गर्ग, उपायुक्त, रेवाड़ी
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