रेवाड़ी में खुले में शौच जाने वालों की वृद्ध अवस्था पेंशन काट दी जाएगी। जिस व्यक्ति ने सरकारी सहायता से शौचालय का निर्माण करवाया है और वह उसका सदुपयोग नहीं कर रहा है उससे 12 हजार रुपये की राशि रिकवर की जायेगी। यह बात अतिरिक्त उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने बाल भवन मे चल रहे जिला स्तरीय ओडीएफ प्रशिक्षण सम्मेलन के समापन समारोह में कही।
उन्होंने बताया कि खुले में शौच जाने वाले व्यक्तियों से जो किसी भी प्रकार की सरकारी स्कीम का फायदा ले रहा है उसे उस लाभ से वंचित किया जायेगा तथा इसी कड़ी में जो गांव खुले में शौच मुक्त अभियान के तहत अपने गांव में कोई कार्य नहीं करेगा उस गांव में विकास कार्यों के लिए कोई ग्रांट नहीं दी जाएगी। उन्होंने बताया कि जिले में विभिन्न सेमिनार आयोजित किये गये जिनमें से 462 लोगों ने स्वेच्छा से इस महाअभियान में जुड़ने की इच्छा जताई है। इस अवसर पर जिला कोर्डिनेटर महेन्द्रपाल, दिनेश यादव, राजेश शर्मा आदि मौजूद रहे।
35 टीमों का किया गठन
जिले को शौच मुक्त बनाने के लिए 35 टीमों का गठन किया गया है प्रत्येक टीम में 10 व्यक्ति होंगे। वहीं 112 व्यक्तियों को रिजर्व में रखा गया है ताकि आवश्यकता पड़ने पर इनसे कार्य लिया जा सके। उपस्थित सरपंचो से अपील की कि आपके गांव में बाहर से जो लेबर आती है उनकी शौच की व्यवस्था के लिए टाट पट्टी से अस्थाई शौचालय बनवाये ताकि किसी भी प्रकार के संक्रमण से बचाव हो सके। उन्होंने बताया कि आप गांव में बच्चों की टोलियां बनाये, सुबह के वक्त सर्च अभियान चलाए इसके लिए बच्चों को दी जाने वाली सीटियां तथा सर्च अभियान के टॉर्च सभी टीमों का उपलब्ध करा दी जाएगी।