रेवाड़ी में एक माह से प्रदेशभर में चल रहा शहीदी दिवस की रैली का शोर बुधवार को चरम पर होगा। हालांकि रैली का मकसद भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व से किसी भी तरह रेवाड़ी में सेना भर्ती दफ्तर की घोषणा करवाना है। लेकिन पिछले दिनों केंद्र सरकार की ओर से नोटबंदी और सुप्रीम कोर्ट के एसवाईएल में निर्णय आने के बाद रैली की दिशा ही बदल गई है।
बुधवार हो होने वाली रैली में गृहमंत्री राजनाथ सिंह, रक्षामंत्री मनोहर परिकर, केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू सहित प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर एवं शीर्ष नेतृत्व आ रहा है। रैली संयोजक राव इंद्रजीत सिंह भी केंद्र सरकार में शहरी विकास राज्यमंत्री जैसे अहम ओहदे पर हैं। ऐसे में रैली से केंद्रीय मंत्री जहां प्रदेश नेतृत्व को अपनी केंद्र पर पकड़ का एहसास कराएंगे। वहीं केंद्रीय नेतृत्व को भी रैली से अपनी शक्ति दिखाएंगे।
हो सकती है किरकिरी
16 अगस्त को रेवाड़ी में हुई तिरंगा यात्रा के शुभारंभ पर केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की रेवाड़ी में सैन्य भर्ती दफ्तर खुलवाने की मांग पर रक्षामंत्री मनोहर परिकर ने मुमकिन होने पर ही इस दिशा में घोषणा करने की बात कही थी। लेकिन माना जा रहा है कि रेवाड़ी में सैन्य भर्ती दफ्तर की फिजिबिलिटी नहीं है। ऐसे में यहां केवल भर्ती का सब सेंटर खोला जा सकता है। दूसरी बड़ी अहीर रेजिमेंट की मांग भी केंद्र सरकार के 40 साल से किसी भी जाति के नाम से रेजिमेंट खोलने की घोषणा पर रोक के साथ ही धरी रह सकती है।
दिख सकता है नोटबंदी का असर
केंद्र सरकार की ओर से पिछले दिनों नोटबंदी का असर रैली पर भी पड़ सकता है। जिस तरह बैंकों और एटीएम बाहर लोग पूरा दिन लाइन में लगकर पैसों की व्यवस्था करने में जुटे हैं। उससे रैली पर भी इसके असर से कोई इनकार कर सकता। वहीं शादियों का सीजन भी रैली पर प्रभाव डाल सकता है।
ठीक 37 माह बाद वही नजारा
आज से ठीक 37 माह पूर्व 15 अक्तूबर 2013 को नरेंद्र मोदी ने रेवाड़ी के इसी हुड्डा मैदान में पूर्व सैनिकों की रैली कर अपने चुनावी अभियान का आगाज किया था। वहीं बुधवार को होने वाली रैली भी शहीदी दिवस के नाम पर है। मोदी ने अपनी रैली में भाजपा के सत्ता में आने पर पूर्व सैनिकों को ओआरओपी दिलाने की बात कही है। बावजूद इसके पिछले दिनों भिवानी के एक पूर्व सैनिक रामकिशन ग्रेवाल ने ओआरओपी का लाभ नहीं मिलने के कारण आत्महत्या कर ली। अब ऐसे में बुधवार को हो ने वाली शहीदी दिवस रैली शहीदों एवं पूर्व सैनिकों के लिए क्या लाएगी। इसका रैली के बाद ही पता लगेगा।