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इंद्रजीत से पहले रणधीर से जीता मैदान

Wed, 16 Nov 2016 12:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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विधायक कापड़ीवास - फोटो : अमर उजाला
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केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के बुधवार को ताकत दिखाने से एक दिन पूर्व शहर विधायक ने सर्वसम्मति से अपने पक्ष की चेयरपर्सन बनवाकर शहर की सरकार में अपनी पकड़ का एहसास करा दिया। खेमों में बंटी भाजपा के साथ कांग्रेस और इनेलो को विधायक रणधीर सिंह कापड़ीवास ने जिस तरह से साधा उससे उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक करियर का लोहा मनवा दिया। शहीदी दिवस से एक दिन पूर्व हुए इस धमाके से शहरवासियों में एक अलग तरह का कौतूहल पैदा हो गया है।
शहीदी दिवस को लेकर राव इंद्रजीत सिंह रेवाड़ी के हुडा मैदान में बुधवार को बहुत बड़ी रैली कर रहे हैं। रैली में भाजपा केंद्रीय नेतृत्व से लेकर प्रदेशभर के दिग्गज आ रहे हैं। अभी केंद्रीय मंत्री इंद्रजीत सिंह के विरोधी माने जाने वाले शहर विधायक ने मंगलवार को अपनी पसंद की विनीता पीपल को सर्वसम्मति से चेयरपर्सन बनवाकर शहर की राजनीति में एकाएक अपना कद बड़ा कर लिया है।
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छह घंटे पहले बदल दिए समीकरण
रात तीन से पहले बाजी एकदम उलट थी। विधायक के पास 15 पार्षद थे। वहीं पूर्व मंत्री की ओर से पार्षद अमृत कला टिकानियां को उम्मीदवार बनाया गया। एक अन्य गुट इंदू मुरली को चेयरपर्सन बनाना चाहता था। चेयरपर्सन बनाने के लिए 17 पार्षद चाहिए थे लेकिन बात किसी की भी नहीं बन पा रही थी। ऐसे में अन्य दोनों गुट आपस में लगभग सहमति बना चुके थे। विधायक खेमे को इस बात का पता लगते ही वह अति सक्रिय हुआ और रात तीन बजे तीन पार्षदों को अपने पाले में कर लिया। अब कापड़ीवास खेमे के पास पर्याप्त 18 संख्या हो चुकी थी। पूर्व चेयरपर्सन शकुंतला भांडोरिया को हटाने की रणनीति राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-8 पर स्थित राजस्थान के नीमराणा बनीं। वहीं इस नए खेल का भी नीमराणा की गवाह बना। विधायक रणधीर सिंह कापड़ीवास ने अपने पक्ष के सभी 15 पार्षदों को पहले नीमराणा भेज दिया। उसके बाद अपने पाले में कर तीन अन्य पार्षदों को भी वहीं रवाना कर दिया। ऐसे में नीमराणा से ही शहर की सरकार की नींव रखी गई।
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फिर काम आया भतीजे का दाव
पूर्व चेयरपर्सन को हटाने और नए चेयरपर्सन को बनाने में विधायक कापड़ीवास के भतीजे मुकेश ने ही सारा दाव खेला। कापड़ीवास को विधायक बनाने से अभी हर बाजी जिताने में एक सारथी की भूमिका निभा रहे मुकेश ने इस बार भी सर्वसम्मति से कापड़ीवास के पाले की चेयरपर्सन बनवाकर अपने ताऊ का राजनीतिक कद बढ़ाया है।
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