सपने जब उड़ान भरते हैं तो मजबूत हौसलों से आसमान भी जमीन पर आ जाता है। यह कहावत रेवाड़ी के नंदरामपुर बास में गरीब किसान के घर जन्मे बलराम ने सच कर दिखाया है। हवाई जहाज की सैर करने का सपना पाले बलराम ने राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-8 स्थित संगवाड़ी गांव में हवाई जहाज के पुराने पार्ट्स एकत्रित कर अपना रेस्टोरेंट खोल दिया। इसका नाम भी फ्लाइट ए-302 फ्लाइंग रेस्टोरेंट रखा।
10 दिन पूर्व शुरू इस रेस्टोरेंट को देशभर से आए कारीगरों ने चार माह के अथक प्रयास के बाद राजस्थान के भिवाड़ी में बनाकर तैयार किया। इसके बाद इसे क्रेन की सहायता से सड़क के रास्ते से संगवाड़ी तक लाया गया। 24 घंटे चलने वाले इस रेस्टोरेंट को देख हाईवे से गुजरने वाले वाहन इसे निहारे बिना नहीं रहते। बहुत से लोग तो इसके साथ सेल्फी लेने और यहां कुछ देर रुककर ही आगे बढ़ते हैं। आसपास के ग्रामीण भी इस फ्लाइंग रेस्टोरेंट में छोटे-छोटे आयोजन कर आनंद लेते हैं।
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केवल 10वीं तक की पढ़ाई
बलराम केवल 10वीं तक पढ़े हैं। गरीबी में पले-बढ़े बलराम के पिता का बचपन में ही निधन हो गया था। मां और बड़े भाई ने मुश्किल हालतों में परवरिश की। बचपन में जिस हवाई जहाज में बैठने की हसरत मन में पाली थी। बलराम ने उसी हवाई जहाज को लोगों के लिए ला खड़ा किया।
ऐसा है फ्लाइट ए-302
करीब 100 फीट लंबे और 14 फीट चौड़े इस फ्लाइंग रेस्टोरेंट में 54 लोगों के बैठने की जगह है। रेस्टोरेंट में घुसते ही एक आवाज आती है कि आपका फ्लाइट ए-302 में स्वागत है। इसके बाद काली पेंट और सफेद शर्ट में क्रू मेंबर बने वेटर आर्डर लेने आते हैं। पायलट के केबिन से आर्डर डिलीवर किए जाते हैं।