नगर परिषद क्षेत्र में चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान को बंद करेंसी का ग्रहण लग गया है। दिवाली के बाद महज एक दिन अभियान चल पाया था कि अब हालात फिर पहले जैसे हो गए हैं। इसका कारण पुलिस बल का मुहैया न हो पाना है क्योंकि जिले की करीब सारी पुलिस विभिन्न बैंकों में भीड़ कंट्रोल करने में लगी है। ऐसे में अभियान पुरानी करेंसी एक्सचेंज और डिपॉजिट होने के फेर में अटका दिखाई दे रहा है। नगर परिषद का लगातार चल रहा अभियान दिवाली से कुछ दिन पहले बंद कर दिया गया था। इसके बाद केवल 9 नवंबर को ही अभियान चला है। इसमें भी नगर परिषद टीम के जाते ही नाईवाली चौक के पास रेहड़ी चालकों ने दोबारा रेहड़ी लगा ली थीं।
हंगामे से निपटने को पुलिस बल जरूरी
अतिक्रमण हटाने के लिए इस समय नगर परिषदीय क्षेत्र में पुलिस बल का होना बेहद जरूरी है। 9 नवंबर के अभियान के दौरान तो ईओ और अन्य अधिकारियों के सामने ही नगर परिषद के ट्रैक्टर से जब्त रेहड़ी जबरन उतरवा ली गई थीं। खास बात यह है कि इस दौरान मौके पर पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। बाद में अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया जिसके बाद अभियान दोबारा शुरू किया गया था।
धमकी के चलते मिली है सुरक्षा
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी मनोज यादव को इस समय एक सुरक्षा गार्ड मिला है। दिवाली से पहले हुई कार्रवाई के दौरान विभिन्न बाजारों में हंगामे, धक्का मुक्की हुई थी। खासकर गांधी चौक के पास तो एक दुकानदार ने नप कर्मी के साथ हाथापाई करने के साथ ही ईओ से भी अभद्रता की थी। इसके साथ ही कई अन्य कार्रवाई के दौरान उन्हें धमकी भी मिली थी। जिसके चलते डीसी ने ईओ को सुरक्षा मुहैया कराई थी।
नगर परिषद की टीम अतिक्रमण हटाने के लिए बिल्कुल तैयार है। जल्द ही अभियान को दोबारा शुरू किया जाएगा। - मनोज यादव, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद