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मंत्री जी, दाखिला नहीं हो रहा, टीचर पीटते हैं

Wed, 20 Apr 2016 12:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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छात्र - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मंत्री जी, स्कूल में टीचर पीटते हैं। दाखिला नहीं हो रहा है। संचालक स्कूल में नहीं घुसने दे रहे हैं। यह व्यथा नौवीं कक्षा की छात्रा भारती की है। अनाजमंडी में अन्य बच्चों और अभिभावकों के साथ भारती शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा से मिलने पहुंची पहुंची थी। अभिभावकोें की समस्या सुनने के बाद शिक्षा मंत्री ने तत्काल डीसी डॉ. यश गर्ग को फोन लगाकर निर्देश दिए कि बुधवार को जिला शिक्षा अधिकारी और अभिभावकों को बुलाकर बच्चों का दाखिला करवाएं। समस्याएं सुनने के बाद मंत्री ने बच्चों से स्कूलों के नाम भी पूछे। उन्होंने नाराजगी प्रकट करते हुए कहा कि निजी संचालकों ने प्राइवेट स्कूलों को मॉल बना दिया है। जूते से लेकर यूनिफॉर्म, बेल्ट, बैग, टी-शर्ट सब बेचने लगे हैं। सरकार इस मामले में गंभीर है।
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इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि वे फरीदाबाद से लेकर पानीपत, पंचकुला सहित कई जिलों में घूमे हैं। शिकायतें मिल रही हैं। सरकार गंभीरता से ले रही है। पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने नो डिटेेंशन और नियम-134-ए लागू कर दो बड़ी गलतियां की हैं। इसे लेकर उन्होंने एचआरडी मिनिस्टर को पत्र भी लिखा है। उन्होंने कहा कि जो बच्चे योग्य होंगे, उनका दाखिला जरूर होगा। उल्लेखनीय है कि नियम-134-ए के तहत अभिभावकों ने सोमवार को बीईईओ कार्यालय पर भी प्रदर्शन किया था। इसे लेकर ही वे मंत्री से मिले। इससे पहले उन्होंने मंडी का दौरा किया। उनके साथ सहकारिता राज्य मंत्री बिक्रम सिंह यादव, विधायक रणधीर सिंह कापड़ीवास, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता वीर कुमार यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष लक्ष्मण यादव, महाबीर यादव, रत्नेश बंसल, आरएसएस के जिला कार्यवाह अजय मित्तल, अनाज मंडी व्यापार मंडल प्रधान राधेश्याम गुप्ता, पूर्व प्रधान अशोक यादव, अनाज मंडी वेलफेयर एसोसिएशन प्रधान दीपक मंगला आदि मौजूद रहे। मंत्री करीब पौने दो घंटे तक मंडी में रहे।
 
शेयर सुना हुड्डा पर साधा निशाना
सीने के फफोले से जल उठे सीने आग से।
इस घर को लगी आग घर के चिराग से।।
शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने इस शेर से जाट आरक्षण को लेकर भड़की हिंसा पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अहीरवाल में डूंडाहेड़ा से गोद बलाह तक अहीरवाल में भाजपाई विधायक हैं, लेकिन यहां पूरा माहौल शांत रहा। रोहतक, सोनीपत और झज्जर में ही आंदोलन उग्र हुआ। उनसे जब पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा वर्तमान में किसानों की परेशानी बढ़ने के बयान को लेकर सवाल पूछा तो शिक्षा मंत्री ने कहा, हुड्डा झेंप गए हैं। वे अपनी इस झेंप को मिटा रहे हैं। रोहतक में आनाजाना बंद हुआ है। इसलिए बाहर ही घूम रहे हैं। सरकार ने अपने प्रयास से प्रदेश का वातावरण शांत किया है। 1900 लोगों को नुकसान हुआ, जिनमें 1700 को करोड़ों रुपये का मुआवजा दिया जा चुका है। प्रकाश सिंह मामले की जांच कर रहे हैं। जो भी अधिकारी या कर्मचारी इस आंदोलन में कोताही बरते पाया गया, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
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रेवाड़ी और मंडी अटेली के पल्लेदारों को हर दिन मिलेगा 500 ग्राम गुड़
शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा, सहकारिता राज्य मंत्री बिक्रम सिंह यादव और विधायक रणधीर सिंह कापड़ीवास ने मंडी का दौरा किया। इन लोगों ने किसानों और पल्लेदारों से भी बातचीत की। इस बीच शिक्षा मंत्री ने घोषणा की कि जब तक तुलाई और भराई का काम चलेगा, तब तक रेवाड़ी और मंडी अटेली में पल्लेदारों को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की तरफ से हर दिन 500 ग्राम गुड़ दिया जाएगा। दिन भर काम करने से फेफड़ों में धूल जम जाती है। उन्होंने यहां पल्लेदारों को बुलाकर उनसे मजदूरी के बारे में भी पूछा।

रेहड़ी पर पहुंचे और गरीबों के भोजन को दिए एक हजार रुपये
मंडी दौरे के बीच एक रेहड़ी पर हंस नगर निवासी तरुण सैनी और एक महिला को रोटी बनाते देख वहां पहुंचे। उन्होंने तरुण सैनी से बातचीत की। साथ ही एक हजार रुपये भी दिए। कहा, गरीबों को मुफ्त खाना खिलाना। यदि पैसे की जरूरत हो तो और मांग लेना। कोई भूखा न रहे। उन्होंने तरुण को अपना कार्ड भी दिया और कहा, इसमें दर्ज नंबर पर कॉल कर देना।

जब फूट फूटकर रोने लगी हेड टीचर, मंत्री के छूए पैर
शिक्षा मंत्री के दौरे की सूचना पर गांव निखरी की हेड टीचर सुनीता यादव भी पहुंची। यादव का गांव निखरी से तबादला महेंद्रगढ़ जिले के गांव ढोर कलां कर दिया गया। उसने मंत्री को एक प्रार्थना पत्र देकर दुखड़ा सुनाया तो वह भावुक हो गई। फूट-फूट कर रोने लगी। मंत्री के सामने हाथ जोड़े और फिर पैर भी छूए। इस पर मंत्री ने कहा कि वह चिंता न करें। हेड टीचर कुछ इस कदर रोने लगी कि एक महिला अधिकारी ने उनको संभाला और एक दुकान में बैठाकर शांत किया। बाद में हेड टीचर यादव ने बताया कि स्कूल में एक टीचर उसे परेशान कर रहा है। स्कूल में वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल रहा है। स्कूल की छवि खराब कर रहा है। बच्चों को परेशान करते वीडियो अधिकारियों तक पहुंचाया, जबकि उसकी ऐसी कोई भावना नहीं थी। इसी वजह से उसका तबादला कर दिया गया। वह जब तबादला निरस्त कराने निदेशक के पास पहुंची तो वहां भी उक्त शिक्षक पहुंच गया।
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