रेजांगला शौर्य सम्मान दिवस पर शुक्रवार को रेजांगला पार्क में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष और कांग्रेस सीएलपी लीडर केंद्र और प्रदेश सरकार पर जमकर बरसीं। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष तंवर ने कहा कि इंदिरा गांधी ने जब इमरजेंसी लगाई तो किसी को परेशानी नहीं थी। उस समय घूसखोरों, भ्रष्टाचारियों और कालाबाजारी करने वालों पर इमरजेंसी लगी थी लेकिन अब नरेंद्र मोदी ने देश मेें वित्तीय इमरजेंसी लगा दी है। लोगों के सिर से मोदी का भूत नहीं उतर रहा है। बैंकों के बाहर लाइन में लगकर हाथों में शादी का कार्ड थामे कहते हैं बहुत अच्छा हो रहा है।
उन्होंने कहा कि जब 500 और 1000 रुपये का इतना दुरुपयोग हुआ तो क्या गारंटी है 2000 रुपये का नोट ठीक होगा। नोटबंदी अभी तक का सबसे बड़ा घोटाला है। उर्जित पटेल सितंबर में आरबीआई के गवर्नर बने जबकि छह माह पूर्व से उन्हीं के नाम के नोट छप रहे हैं। पूर्व आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन को भी नहीं पता था कि यह होने वाला है। रेजांगला शौर्य सम्मान दिवस में राजद सुप्रीमो नहीं आए। उनकी जगह बिहार से सांसद गुल्लू मंडल ने लालू का भाषण पढ़कर सुनाया। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सर्जिकल स्ट्राइक का राजनीतिकरण कर रहे हैं। वे ऐसी बातें कर रहे हैं जैसे वे सैनिक नहीं भाजपा के कार्यकर्ता थे। सैनिक देश का बेटा होता है। भाजपा का कार्यकर्ता नहीं।
मानसिक रूप से ठीक, शारीरिक परेशानी
तंवर ने कहा कि वह मानसिक रूप से बिल्कुल ठीक हैं। अभी थोड़ी शारीरिक परेशानी है। मुंह की सूजन अभी नहीं गई है। मैं छोटी- छोटी चोट से घबराता नहीं हूं। दिल्ली में हुई मारपीट के मामले की जांच चल रही है। दोषी को सजा मिलेगी। एसवाईएल मुद्दे पर भी सर्वदलीय बैठक हो चुकी है। पंजाब कांग्रेस से विधायक और सांसद इस मामले में इस्तीफे दे रहे हैं। यह उनका अपना मत हो सकता है।
सैनिकों पर केंद्र सरकार कर रही राजनीति : किरण
विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार सर्जीकल स्ट्राइक के नाम पर सरकार उत्तर प्रदेश चुनाव में लाभ उठाना चाहती है। सबसे पहली सर्जिकल स्ट्राइक तो 1970 में नागालैंड में हो चुकी है। उस समय उनके पिता भी फौज में अधिकारी थे। उस समय 18 जवानों ने शहादत दी थी। मोदी सरकार ने ओआरओपी पर भी झूठ बोला। अगर ओआरओपी का लाभ मिलता तो रामकिशन आत्महत्या नहीं करता। स्वामी रामदेव कहते हैं विदेशों में भारत का 400 लाख करोड़ रुपये का कालाधन है। सरकार बनने के बाद इसमें से एक भी रुपया नहीं आया। एसवाईएल की आधारशिला पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने रखी थी। उनके ससुर बंसीलाल ने हरियाणा में यह नहर बनवाई थी।
शहीदों की प्रतिमाओं पर फूल तक नहीं चढ़ाए
पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव ने कहा कि 16 नवंबर को रेवाड़ी में आयोजित शहीदी दिवस समारोह पूरी तरह राजनीतिक था। देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर कार्यक्रम में आए थे लेकिन जिन शहीदों के नाम से कार्यक्रम था। उन शहीदों राव तुलाराम और राव गोपाल की मूर्तियों पर किसी ने फूल तक नहीं चढ़ाए। उन्होंने कहा कि सैनिकों को तिल तिल मत मारो। पाकिस्तान का मुंहतोड़ जवाब दो। इससे पहले पूर्व सीपीएस दुढ़ाराम, अटेली पूर्व विधायक नरेश यादव, पूर्व विधायक राधेश्याम शर्मा, कांग्रेस के प्रदेश महासचिव चिरंजीव राव, आरजेडी के प्रदेशाध्यक्ष रामोतार यादव, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता वेद प्रकाश विद्रोही, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष वंदना पोपली, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष जवाहर सचदेवा, टीसी राव, मदनलाल झाम, मास्टर वेदप्रकाश, राव इंद्रपाल, सतवीर झुकिया ने भी विचार रखे।
मंच से अतिथियों पर ही साधा निशाना
नारनौल से पूर्व विधायक राधेश्याम शर्मा ने समारोह में देरी से पहुंचने पर अतिथियों पर ही निशाना साध दिया। उन्होंने कहा कि नेताओं की लेट आने की गलत आदतें हैं। सुबह 10 बजे का कार्यक्रम रखा था। सभी लोग सुबह आए। वीरांगनाएं भी भूखी-प्यासी यहां आई हैं। समारोह में नियत समय पर आए मेजर जनरल अजय आहरी सुबह 11 बजे कुछ वीरांगनाओं का सम्मान कर निकल गए। इसके बाद नेताओं के आने और भाषणों का सिलसिला चलता रहा। वीरांगनाएं दोपहर तीन बजे तक वहीं बैठी रहीं। जब वीरांगनाएं उठकर चलने लगी तो उन्हें मंच के पीछे सामान देकर भेज दिया गया।