रेवाड़ी शहर के डबल फाटक पर आरयूबी (रेलवे अंडर ब्रिज) के निर्माण की सालों से लंबित मांग में जनरल अरेंजमेंट ड्राइंग (जीएडी) बाधा बन रहा है। पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से तैयार जीएडी को रेलवे की ओर से स्वीकृति मिलते ही आरयूबी के निर्माण का रास्ता साफ हो जाएगा।
हरियाणा विधानसभा में अंडर सैकेट्री रहे अजीत यादव की ओर से आरटीआई के माध्यम से निर्माण कार्य में हो रही देरी के लिए जवाब मांगा गया था। रेलवे की ओर से भेजे गए जवाब में कहा गया है कि जैसे ही जीएडी को स्वीकृति मिलेगी, निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। सूचना में कहीं पर भी दुकानों के अधिग्रहण जैसी बात नहीं है। बताया जा रहा है कि आरयूबी निर्माण में दुकानों का अधिग्रहण नहीं होगा। केवल दुकानों के सामने टिनशेड आदि को हटाया जाना है। जबकि रेलवे डीआरएम की ओर से डबल फाटक पर बनी दुकानों का मसला बताया गया था।
करीब 10.5 करोड की लागत से बनेगा आरयूबी
रेलवे के फाटक नंबर 58-बी पर बनाए जाने वाले आरयूबी पर करीब साढ़े दस करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। जिसमें राज्य एवं रेलवे की बराबर हिस्सेदारी है। सूचना के अधिकार से प्राप्त आंकडों के अनुसार प्राजेक्ट में हरियाणा सरकार को पांच करोड़ रुपये देने हैं। जिसकी प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है। अब हरियाणा सरकार जीएडी में रेलवे इंजीनियरों की ओर से लगाए गए ओब्जेक्शन ठीक कर जीएडी को एक बार फिर से रेलवे के पास भेजेगी।
हमने रेलवे से आरयूबी के विषय में आरटीआई के माध्यम से सूचना मांगी थी। जवाब में जीएडी के अप्रूवल की बात कहीं गई है। जैसी ही जीएडी का अप्रूवल होगा, निर्माण कार्य के लिए आगे की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। आरयूबी के निर्माण के लिए दुकानों के अधिग्रहण जैसी कोई बात ही नहीं है। स्थानीय विधायक भी यह बात कह चुके हैं। पूर्व में रेवले के इंजीनियरों से बातचीत में भी यह बात सामने आ चुकी है।
अजीत यादव, रिटायर्ड अंडर सैक्रेट्री, हरियाणा विधानसभा
आयूबी में दुकानों के अधिग्रहण जैसा मुद्दा नहीं है। रेलवे अधिकारियों से बातचीत हो चुकी है। जैसे ही जीएडी फाइनल होगा टेंडर सहित अन्य काम शुरू हो जाएंगे।
रणधीर सिंह कापड़ीवास, विधायक, रेवाड़ी