होली में चलाई जाएंगी स्पेशल ट्रेन
शहर से अलवर तक इलेक्ट्रिक लाइन पर शनिवार को स्पीड ट्रॉयल पूरा हो गया है। सीआरएफ एक-दो दिन में इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप देंगे। इसके बाद इलेक्ट्रिक ट्रेनें शुरू हो जाएंगी लेकिन यह भी अच्छी खबर है कि रेवाड़ी से निकलने वाले चार मार्गों पर विद्युतीकरण का काम शुरू कर दिया। यदि सब कुछ परियोजना के मुताबिक हुआ तो 2017 में यहां से गुजरने वाली ट्रेनों की औसत स्पीड 90-110 से बढ़कर 125-160 हो जाएगी। रेवाड़ी से दिल्ली, अलवर, हिसार, रींगस की ओर जाने वाले लगभग 60 हजार डेली पैसेंजर को इसका सबसे ज्यादा फायदा होने की उम्मीद है। वहीं देश की राजधानी से जनसंख्या घनत्तव कम करने में भी यह परियोजना मील का पत्थर साबित होगी। रेवाड़ी-अलवर रेलवे लाइन का काम पूरा होने के बाद यहां पर सेफ्टी ट्रॉयल के साथ स्पीड ट्रॉयल किया गया है। इधर रेवाड़ी-नारनौल-रींगस ओर रेवाड़ी-भिवानी-हिसार ट्रैक पर काम शुरू हो चुका है तो रेवाड़ी-दिल्ली रूट पर टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। रेलवे लाइन विद्युतीकरण विभाग के पीआरओ की माने तो 2017 में यहां पर 160 की स्पीड से इलेक्ट्रिक ट्रेन दौड़ने लगेंगी।
दिल्ली से मुंबई एवं हिसार से चेन्नई को जोड़ने की परियोजना पर हो रहा है काम
दिल्ली-मुंबई एवं नोर्थ को साउथ की बीच के समय कम करने की परियोजना के तहत सरकार की ओर से लाइनों का विद्युतीकरण का काम चल रहा है। अहमदाबाद से मुंबई के बीच पहले से ही इलेक्ट्रिक ट्रेन चल रही है। जयपुर से अहमदाबाद के बीच इलेक्ट्रिफिकेशन का काम शुरू हो चुका है। रेवाड़ी-दिल्ली के बीच काम पूरा होने के बाद 2017 में लगभग 1100 किमी. मुंबई से दिल्ली तक पूरी लाइन इलेक्ट्रिक हो जाएगी। इधर हिसार-मथुरा के बीच इलेक्ट्रिक लाइन का काम होने के बाद यह लाइन आगरा से जुड़ जाएगी, जो यहां से सीधा चेन्नई से नोर्थ को जोड़ने का काम करेगी।
टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। 2017 तक काम पूरा होने की उम्मीद है। अलवर-जयपुर-अजमेर के रूट पर भी टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
बीके श्रीवास्तव, पीआरओ, सीओआरई
दिल्ली से रेवाड़ी, अलवर एवं भिवानी की ओर दैनिक यात्रा करने वाले 60 हजार से अधिक डेली पैसेंजरों को इसका सबसे ज्यादा फायदा होगा। लोगों में खुशी है।
हरीश भारद्वाज, प्रधान डेली पैसेंजर यात्री संघ