कोसली क्षेत्र के गांव नाहड़ में स्थित एक भट्ठे पर बंधुआ मजदूरी करने को मजबूर करीब 25 लोगों को प्रशासन ने पुलिस के सहयोग से मुक्त कराया। हालांकि न तो पुलिस और न ही प्रशासन की ओर से भट्ठा मजदूरी करवाने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई। बंधुआ मजदूर बिहार के बेगूसराय जिले के पास रहने वाले बताए जा रहे हैं। सभी को उनके घर के लिए रवाना कर दिया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार नाहड़ स्थित एक भट्ठा पर बिहार से आकर कई मजदूर ईंट थपाई का काम करते हैं। किसी तरह से प्रवासी मजदूरों ने कोसली प्रशासन से गुहार लगाई कि भट्ठे पर उनसे बंधुआ मजदूरी कराई जाती है। लेकिन कोसली प्रशासन से कोई मदद न मिलने के कारण प्रवासी मजदूरों ने उच्च अधिकारियों को शिकायत दी। जिला उपायुक्त ने मामले का संज्ञान लिया और एसडीएम कोसली से मामले में कार्रवाई करने को कहा। इस पर उन्होंने नायब तहसीलदार विजय सिंह, लेबर ऑफिसर कृष्ण कुमार और खाद्य आपूर्ति अधिकारी विनोद कुमार के
नेतृत्व में एक टीम बनाकर पुलिस की मदद से रेड करने को कहा। टीम पुलिस बल के साथ भट्ठा पर पहुंचे तथा कई दिनों से बंधक बनाए हुए मजदूरों को मुक्त करवाया और गुपचुप तरीके से नाहड़ चौकी लाकर वाहन का प्रबंध करके उनके घर के लिए रवाना कर दिया।
गुप्त ढंग से हुई कार्रवाई, नहीं हुआ मामला दर्ज
प्रशासन ने बंधक बना कर मजदूरी करवाने वालों के खिलाफ मिलीभगत के चलते कोई कार्रवाई नहीं की। कार्रवाई इतनी गुप्त रखी गई कि विभाग के ही अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों को भी इसकी भनक तक नहीं लगने दी। कार्रवाई के बाद मजदूरों को भी गाड़ियां मैनेज कर रवाना कर दिया गया।
पहले भी मुक्त कराए जा चुके हैं बंधुआ मजदूर
कोसली में प्रवासी मजदूरों से बंधुआ मजदूरी करवाने का खेल कोई नया नहीं है। पिछले साल जहां प्रशासन ने शिकायत के बाद भाला के एक भट्ठा से मजदूरों को मुक्त करवाया था, वहीं वर्ष 2014 में बव्वा के एक भट्ठा से 50 मजदूरों को प्रशासन ने मुक्त करवाने के बाद अपने खर्च पर उन्हें घर भिजवाया था। लेकिन बंधुआ मजदूरी कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई किसी बार नहीं हुई।
पांच प्रवासी परिवारों को कराया मुक्त
एसडीएम के आदेश पर नायब तहसीलदार व लेबर अधिकारी के साथ नाहड़ स्थित एक भट्ठा पर पांच प्रवासी परिवारों को मुक्त करवाया है और उन्हें अपने घर के लिए रवाना कर दिया है।
-विनोद कुमार, एफएसओ खाद्य एवं आपूर्ति विभाग