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अटके सारे काम, सबसे आगे मायाराम

Sun, 13 Nov 2016 01:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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bank file image - फोटो : amar ujala
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रेवाड़ी में तीन से 500 और 1000 रुपये के फेर में अब लोग अपना काम भूल गए हैं। स्थिति यह है कि लोग अब सारे काम छोड़कर इन नोटों को ठिकाने में लगे हैं। तीन दिन तक इन नोटों को तिजारी या पर्स में शान से रखने वाले लोगों के लिए अब नोट बोझ बन गए हैं।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से 500 और 1000 रुपये के नोट बंद करने के बाद से ही लोग अब इन नोटों को बैंक में जमा कराने लगे हैं। बाजार हो या अन्य सार्वजनिक स्थान सभी जगह अन्य दिनों की अपेक्षा कम भीड़भाड़ नजर आ रही है।

बाजार रहे सूने
शादी-सावे शुरू होने के बाद भी बाजार बिल्कुल सूने हैं। आम दिनों में खचाखच भरे रहने वाले पंजाबी मार्केट, मोदी चौक, गोकल बाजार, नया बाजार, कटला बाजार, सट्टा बाजार, गुड़ बाजार जैसी जगहों पर शनिवार को बिल्कुल सन्नाटा छाया रहा। दुकानदार भी खाली बैठे रहे। व्यापारियों का कहना है कि 500 और 1000 रुपये के नोट बंद होने का सीधा असर व्यापार पर पड़ने लगा है। जब ग्राहकों के पास पैसा ही नहीं रहेगा तो दुकानों पर कैसे आएंगे। अब तो ग्राहक अपने 500 और 1000 रुपये के नोट बैंकों में जमा कराने में लगे हैं। ऐसे दुकानदारी कैसे होगी।
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2000 के नोट का भी संकट
यूं तो बाजार में अब 2000 रुपये का नोट आ चुका है लेकिन संकट यह है कि अब इतने बड़े नोट का खुल्ला कौन करेगा। शनिवार को बहुत से दुकानदार 2000 रुपये का नोट लेकर बाजार में उतरे तो दुकानदारों ने इतना बड़ा नोट देखकर ही सामान देने से हाथ खड़े कर दिए। व्यापारियों का तर्क था कि 500 और 1000 रुपये के नोट तक तो खुल्ले कर देते लेकिन अब जबकि पहले से ही खुल्ले नोटों का संकट है तो इतने बड़े नोट के खुल्ले कैसे होंगे।
 
दुकानें रहीं बंद, उधारी में चल रहा बाजार
शुक्रवार को रेवाड़ी के बाजार में एक प्रतिष्ठान में सेल टैक्स की सर्वे की कार्रवाई का असर शनिवार को भी बाजार पर देखने को मिला। शनिवार को भी कई दुकानदारों कार्रवाई के भय से अपनी दुकानें बंद रखी। कई जगह अफवाहों का दौर भी चलता रहा। 500 और 1000 रुपये के नोट बंद होने से लोगों के पास अब छुट्टे पैसे भी समाप्त हो गए हैं। दुकानदार 500 और 1000 रुपये के नोट नहीं ले रहे हैं। ऐसे में पूरा बाजार ही अब उधारी पर चल रहा है।
 
इन्हें होने लगी परेशानी
8 नवंबर की मध्यरात्रि से लगे आकस्मिक बैन से पूर्व सावे वाले घरों में पहले से बैंक से पैसे निकलवा लिए थे। अब सर्वाधिक परेशानी उन लोगों को ही हो रही है। पैसे वापस बैंक में जमा कराने का उनके पास समय नहीं बचा और दुकानदार कार्रवाई के डर से नोट अब ले नहीं रहे।
 
सरकारी उपक्रमों पर चल रहे नोट
एक तरफ जहां सरकार ने बाजार में 500 और 1000 रुपये के नोट के लेनदेन पर पाबंदी लगा दी है, वहीं दूसरी तरफ सरकारी उपक्रमों रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, सरकारी अस्पताल, बीज भंडार जैसी जगह शनिवार को भी 500 और 1000 रुपये के नोट चले।
 
एटीवीएम हुई चालू
यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे स्टेशन पर लगे एटीवीएम के फेसिलिटेटरों में शुक्रवार को दोपहर बाद छोटा कैश समाप्त होने के बाद इनके संचालकों ने विभिन्न बैंकों से बड़े नोट बदलवाए। इसके बाद शनिवार सुबह से एटीवीएम से रेलवे टिकट उपलब्ध कराने की सेवा शुरू कर दी। वहीं रेलवे की तरफ से भी यात्रियों की सुविधा के लिए छोटे नोट मंगाए गए।
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