संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में 2024 जिले के लिए अहम रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 फरवरी 2024 को माजरा एम्स का शिलान्यास किया। वर्तमान में एम्स भवन के निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। एम्स चालू होने के बाद जिले के अलावा पड़ोसी राज्य राजस्थान के लोगों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।
तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 2015 में बावल में हुई रैली में एम्स की घोषणा की थी। इसके चार साल बाद 2019 में केंद्र ने न इसे स्वीकृति दी और 900 करोड़ से अधिक का बजट भी अलाट किया। इसके बाद एम्स के लिए दी गई मनेठी की पंचायती जमीन को वन विभाग ने अरावली क्षेत्र का बताते हुए अपना दावा ठोककर नया पेंच फंसा दिया। लंबी जद्दोजहद के बाद प्रदेश सरकार ने जमीन खरीदकर एम्स को देने का निर्णय लिया तो अधिक मुआवजे की मांग बाधा बन गई। आखिरकार माजरा में जमीन तय की गई लेकिन कुछ किसानों ने पोर्टल पर अपनी जमीन अपलोड नहीं की थी। जमीन अधिग्रहण को लेकर कोई न कोई विवाद सामने आता रहा। स्वास्थ्य विभाग को जमीन ट्रांसफर होने के बाद एम्स की घोषणा के 9 वर्ष बाद 16 फरवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने माजरा एम्स का शिलान्यास किया था।
203 एकड़ क्षेत्र में हो रहा निर्माण
एम्स भवन का निर्माण 203 एकड़ क्षेत्रफल में हो रहा है। एम्स में 703 बिस्तरों वाले अस्पताल भवन के साथ ही 100 सीटों के मेडिकल काॅलेज और 60 सीटों वाले नर्सिंग काॅलेज का भी निर्माण होना है। माजरा गांव में एम्स तैयार होने के बाद रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, भिवानी, रोहतक, झज्जर, मेवात, पलवल व फरीदाबाद सहित राजस्थान के अलवर व झुंझुनू जिलों को भी इसका फायदा मिलेगा। देश के इस 22वें एम्स में प्रत्यक्ष रूप से करीब 3000 व अप्रत्यक्ष रूप से करीब 10 हजार लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
दो लोगों ने दाढ़ी नहीं कटवाने का लिया था प्रण
गांव माजरा में दो बुजुर्गों ने दाढ़ी ना कटाने का प्रण लिया था। दोनों की शर्त थी कि जब तक एम्स का शिलान्यास नहीं होगा, तब तक वह दाढ़ी नहीं कटवाएंगे। 2 अक्तूबर 2018 को गांव गोठड़ा निवासी ओमप्रकाश सेन और गांव मनेठी निवासी देसराज ने पंचायत में ऐलान किया था कि एम्स का शिलान्यास होने पर ही वह दाढ़ी कटवाएंगे। दाढ़ी ना कटाने का प्रण इलाके में भी काफी चर्चा का विषय बना था।
वर्जन
पिछले दिनों माजरा एम्स का दौरान किया गया था। निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करने के साथ ही एम्स निर्माण में तेजी लाने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यों की समीक्षा भी की गई थी। अस्पताल सेवाओं को शीघ्र शुरू करना हमारी प्राथमिकता है। -प्रो. मीनू सिंह, कार्यकारी निदेशक एम्स रेवाड़ी