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भाड़ावास-हरीनगर बाइपास पर बने टिब्बे, प्रशासन बेखबर

Mon, 08 Aug 2016 12:57 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला
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सुविधाओं से लोग वंचित - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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 नारनौल-राजस्थान को जोड़ने के लिए भाड़ावास रोड-हरीनगर बाइपास का एक किमी से ज्यादा का हिस्सा टिब्बों में तब्दील हो चुका है। इससे यहां से गुजरने वालेे ट्रक एवं कंपनी की बसों के अलावा आसपास के ग्रामीण हादसों का शिकार हो रही हैं। इससे ग्रामीणों में भारी रोष है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि जल्द ही यदि प्रशासन ने इसकी सुध नहीं ली तो यह रास्ता बंद कर दिया जाएगा। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने अनेकों बार संबधित अधिकारियों को सूचना दी,लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।
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शहर की सड़कों से दबाव घटाने के लिए बनाया गया था बाईपास
कुछ बर्ष पहले रेवाड़ी शहर की सड़कों पर दबाव कम करने एवं शहर को जाम से मुक्त करने के लिए भाड़ावास रोड से लेकर हरीनगर तक नारनौल रोड को जोड़ा गया था। लेकिन रखरखाव के अभाव के कारण आलम यह है कि सड़क टिब्बों में तबदील हो गई है। रोड पर बन गड्ढे इतने गहरे हो चुके हैं कि बाइक सवार इन्हें देख नहीं पाते और गिरकर घायल हो जाते हैं। वहीं बरसात होने के बाद तो हालात बद् बद्तर हो जाते हैं।

 बाईपास ऐसा की कार नहीं निकल सकती
प्रदेश में हरीनगर बाईपास पहला ऐसा बाईपास होगा,जिस पर से कार नहीं गुजर सकती है। यदि इस बाईपास से कोई कार ले जाने की कोशिश करेगा तो उस कार को यहां से क्रेन ही उठाकर लाएगी। बाईपास से प्रतिदिन सैंकड़ों की संख्या में डंफर के अलावा दर्जनों कंपनी बस निकलती है। रात के समय राजस्थान एवं नारनौल की तरफ जाने वाली बसों को दुर्घटना के कारण पूरी रात तक वहीं पर गुजारनी पड़ती है।
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बाईपास की हकीकत ग्रामीणों की जुबानी
जिले में भाड़ावास रोड- हरीनगर बाईपास पर जिले में सबसे ज्यादा ट्रक एवं बसें गुजरती हैं। यहां पर आए दिन दर्जनों दुर्घटनाएं होती हैं। इसी के साथ यहां से गुजरने वाले ग्रामीण भी दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं।
-दिनेश कुमार, ग्रामीण
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सड़क के नाम पर यहां टिब्बे बन चुके हैं। यदि किसी को छूले का आनंद लेना चाहता है तो यहां पर ले सकता है। कार तो यहां से गुजरना संभव ही नहीं है। कई बार प्रशासन को शिकायत की जा चुकी है,लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।
-अमेश कुमार , ग्रामीण
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सड़क इतनी खराब हो चुकी है, यहां पर लुटेरों ने कंपनी बसों एवं डंफरों को लूटना शुरू कर दिया है। गांव डालयाकी जहां पूर्व मंत्री का गांव हैं,वहीं शहरी विकास राज्य मंत्री के खेत भी आसपास ही हैं। बावजूद इसके कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
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संजय, ग्रामीण
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प्रशासन की संवेदनहीनता देखिए की कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। बाइपास बनते वक्त लगा था कि अच्छे दिन आएंगे,लेकिन हुआ इसके उल्टा। रात के समय मे तो यहां आने में डर लगता है।
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-चरण सिंह, ग्रामीण
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वर्जन-पूरा मामला संज्ञान में है। उच्च अधिकारियेां को भी इसके लिए पत्र भेजा जा चुका है। जल्द ही सड़क को ठीक करवाया जाएगा।
-एके सिंगला,ईएक्सएन, पीडब्लयूडी
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