रेवाड़ी। निलंबित पटवारियों को बहाल करने की मांग को लेकर मंगलवार को पटवारी और कानूनगो हड़ताल पर चले गए। इसके चलते पटवारखानों का कामकाज ठप रहा। पटवारखाने में काम को लेकर पहुंचे लोगों को लौटना पड़ा। धरने पर बैठे पटवारियों व कानूनगो ने निलंबित पटवारियों की बहाली तक हड़ताल रखने की चेतावनी दी।
धरना सभा को सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान धनराज, जिला सचिव सुमित्रा, नगरपालिका कर्मचारी संघ के जिला प्रधान ईश्वर सिंह बोड़वाल और सिंचाई विभाग के प्रधान पवन कुमार ने संबोधित किया। अध्यक्षता जिला प्रधान बलजीत सिंह यादव ने की।
वक्ताओं ने सरकार से निलंबित पटवारियों को तुरंत बहाल करने की मांग की। कहा कि यह फैसला कर्मचारियों के साथ अन्याय है। जिला सचिव रणबीर सिंह पटवारी ने कहा कि छह पटवारियों को बिना किसी ठोस कारण के निलंबित किया गया है, जो पूरी तरह गलत और अनैतिक है।
उन्होंने कहा कि पटवारियों पर पहले से ही अत्यधिक कार्यभार है और कम स्टाफ में उनसे लगातार अधिक काम लिया जा रहा है। ऐसे में निलंबन जैसे कदम से कर्मचारियों का मनोबल टूटता है।
उन्होंने सरकार से जनहित में अपना फैसला वापस लेने की मांग की। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द बहाली नहीं की गई तो आंदोलन को राज्य स्तर पर तेज किया जाएगा।
कर्मचारियों ने कहा कि धरने के कारण राजस्व से जुड़े कई जरूरी कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह सरकार की होगी। जिला मीडिया प्रभारी ने बताया कि राज्य कार्यकारिणी के निर्देशानुसार यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा और 4 फरवरी को भी धरना जारी रहेगा।
इस मौके पर राकेश कुमार गिरदावर, विजय गिरदावर, विक्रम सिंह, सुधीर, नितेश कुमार, राहुल, हेमंत, स्नेहलता, ममता पटवारी सहित जिले के सभी पटवारी और कानूनगो मौजूद रहे।
लोग अपने काम कराने के लिए पटवारियों के धरनास्थल पर पहुंच रहे हैं। हालांकि पटवारी उनके काम करने के बजाय हड़ताल होने की बात कहकर उन्हें वापस भेज रहे हैं। ऐसे में पटवारियों से संबंधित काम अटक रहे हैं। लोगों की परेशानी बढ़ने लगी है।