संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। वार्ड-15 में कई दिनों से गंदे पानी की आपूर्ति से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नलों से मटमैला और बदबूदार पानी आने के कारण लोग इसे पीने और घरेलू उपयोग में लेने से बच रहे हैं। कई परिवार मजबूरी में बाजार से पानी खरीदकर जरूरत पूरी कर रहे हैं।
निवासी बीर सिंह ने बताया कि दूषित पानी की समस्या लगातार बनी हुई है। इस संबंध में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को कई बार शिकायत भी दी गई लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति शुरू नहीं हुई तो लोगों का स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है।
सुनील और राकेश ने बताया कि गंदे पानी की वजह से बच्चों और बुजुर्गों में बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने प्रशासन से पेयजल लाइन की जांच कर क्षतिग्रस्त पाइप लाइन को ठीक कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
नागरिक अस्पताल के फिजीशियन डॉ. गौरव ने बताया कि गंदा और दूषित पानी पीने से डायरिया, टाइफाइड, पीलिया, हैजा, उल्टी-दस्त तथा पेट के संक्रमण जैसी बीमारियां हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि यदि नल के पानी का रंग बदला हुआ हो, उसमें बदबू आ रही हो या गंदगी दिखाई दे रही हो तो उसे बिना उबाले या फिल्टर किए बिल्कुल नहीं पीना चाहिए। दूषित पानी पीने के बाद बुखार, उल्टी, दस्त या पेट दर्द जैसी शिकायत होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
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वर्जन:
मामला संज्ञान में नहीं था। जांच कराई जाएगी। लोगों को स्वच्छ पानी मिले इसके लिए जनस्वास्थ्य विभाग प्रयासरत है।- हेमंत कुमार, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग