संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। संयुक्त किसान मोर्चा और ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील और यूरोपीय संघ, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौतों के विरोध में 22 जुलाई को प्रस्तावित अखिल भारतीय विरोध दिवस से पहले किसान नेताओं को हिरासत में लिए जाने की निंदा की है। संगठन ने इसे नागरिक स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए तत्काल रिहाई की मांग की है।
हरियाणा के किसान नेता ईश्वर सिंह दहिया को मंगलवार सुबह उनके पैतृक गांव भटगांव स्थित आवास पर पहले नजरबंद किया गया। बाद में सोनीपत के सदर थाना ले जाकर डिटेन कर दिया गया। इसी तरह गांव ठरूउलदेपुर के किसान दलबीर सिंह को भी पुलिस ने हिरासत में लिया गया है। संगठन का आरोप है कि यह कार्रवाई 22 जुलाई के विरोध को प्रभावित करने के उद्देश्य से की गई है।
ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं संयुक्त किसान मोर्चा के नेता सत्यवान ने जारी बयान में कहा कि यह सरकार द्वारा जनवादी और संवैधानिक अधिकारों पर सुनियोजित हमला है। उन्होंने आशंका जताई कि अन्य किसान नेताओं को भी हिरासत में लिया जा सकता है। उनका कहना है कि एक ओर लोकतंत्र और सुशासन की बात की जाती है, जबकि दूसरी ओर विरोध की आवाज को दबाने के लिए पुलिस प्रशासन का इस्तेमाल किया जा रहा है।
सत्यवान ने बताया कि ईश्वर सिंह दहिया मंगलवार को भटगांव में गंदे पानी की समस्या को लेकर स्थानीय किसान-मजदूर संघर्ष समिति के बैनर तले जल विभाग के अधीक्षक कार्यालय पर ग्रामीणों के साथ ज्ञापन देने वाले थे, लेकिन उससे पहले ही उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
संगठन ने चेतावनी दी कि सरकार के ऐसे कदमों से किसान आंदोलन नहीं रुकेगा। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले 22 जुलाई को भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में रेवाड़ी सहित पूरे देश में प्रस्तावित विरोध दिवस को सफल बनाने का दावा किया गया है।