सोहना रोड एनएच 919 का हिस्सा है जबकि बास रोड भिवाड़ी के औद्योगिक क्षेत्र को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। इन सड़कों पर बढ़ते वाहनों के दबाव और अतिक्रमण के चलते यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। ऐसे में चौड़ीकरण ही स्थायी समाधान माना जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने एनएच 48 पर स्थित एक स्कूल के सामने फ्लाईओवर बनाने और पुलिस स्टेशन के पास सड़क लूप तैयार करने की मांग भी की है। वर्तमान में पूरे क्षेत्र के लिए केवल एक फ्लाईओवर है जिससे सोहना, पलवल, फरीदाबाद, भिवाड़ी और अलवर की ओर जाने वाला ट्रैफिक गुजरता है। इससे दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है।
जाम का सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों पर
धारूहेड़ा निवासी जेपी यादव ने बताया कि जाम का सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों पर पड़ता है। बरसात के दिनों में फ्लाईओवर और सर्विस रोड पर जलभराव होने से हालात और बिगड़ जाते हैं। बच्चों व अभिभावकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। जाम से पुलिस प्रशासन भी परेशान है। यातायात व्यवस्था संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है। जगह-जगह गड्ढों के कारण सर्विस रोड पर वाहन फंस जाते हैं जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
गांव के अंदरूनी रास्तों का लेना पड़ता है सहारा
धारूहेड़ा निवासी सुनील व विकास यादव ने बताया कि मुख्य मार्ग पर जाम लगने पर वाहन चालक गांवों के अंदरूनी रास्तों का सहारा लेते हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में भी ट्रैफिक का दबाव बढ़ रहा है और लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। जाम के दौरान खड़े वाहनों से निकलने वाला धुआं पर्यावरण के लिए भी खतरनाक साबित हो रहा है। यदि फ्लाईओवर और सड़क लूप का निर्माण कराया जाए तो ट्रैफिक का दबाव कम होगा और लोगों को राहत मिल सकेगी।
धारूहेड़ा में लगा जाम। स्रोत : स्थानीय नागरिक