घायल पक्षी मोर को झाबुआ की टीम के हवाले करते संस्था के पदाधिकारी। स्रोत : संस्था
धारूहेड़ा। देवकी गो उपचार सेवा संस्था ने एक बार फिर मानवता की मिसाल पेश की है। संस्था की रेस्क्यू टीम ने गांव मालपुरा स्थित एक दुपहिया वाहन निर्माता कंपनी परिसर से घायल राष्ट्रीय पक्षी मोर का रेस्क्यू किया। उसे बेहतर उपचार के लिए भेजा गया।
कंपनी परिसर से सूचना मिली थी कि बंदरों के हमले में एक मोर गंभीर रूप से घायल हो गया है। सूचना मिलते ही संस्था के प्रधान अश्वनी सेन के नेतृत्व में रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। टीम ने घायल मोर को सुरक्षित तरीके से अपने कब्जे में लिया। इसके बाद मोर को देवकी गौ उपचार शाला लाया गया। वहां चिकित्सकों और संस्था की टीम ने उसका प्राथमिक उपचार किए। बेहतर इलाज और देखभाल के लिए मोर को पीकॉक चिंकारा बर्डिंग सेंटर, झाबुआ रेफर किए गया।
संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि वन्य जीव और पक्षी पर्यावरण का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। घायल अवस्था में मिले जीवों को समय पर उपचार मिलने से उनकी जान बचाई जा सकती है। देवकी गौ उपचार सेवा संस्था पिछले कई वर्षों से गौवंश, बीमार पशुओं और अन्य बेजुबान जीवों का संरक्षण कर रही है। संस्था सड़क हादसों में घायल जीवों का भी उपचार करती है। इस पहल की क्षेत्र में सराहना की जा रही है।