रेवाड़ी। नवरात्र की शुरूआत में घर बनाने वालों के लिए भी बड़ी राहत है। निर्माण सामग्री पर जीएसटी दरों में बदलाव से मकान की लागत अब पहले से काफी कम हो जाएगी। इस कदम से आम परिवारों को सीधी राहत मिलेगी, वहीं रियल एस्टेट और निर्माण सेक्टर को भी नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
नई दरों के मुताबिक, सीमेंट पर जीएसटी 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत, मार्बल ब्लॉक पर 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत, रेत और चूने की ईंट पर 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत और प्लाईवुड व फर्नीचर पर 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है।
निर्माण ठेकेदार ब्रिजेश, सुरेश और रामनिवास ने बताया कि इन बदलावों का सीधा असर निर्माण सामग्री की कीमतों पर पड़ेगा और मकान की कुल लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी। घर बनाने में सबसे ज्यादा खर्च सीमेंट और ईंट पर आता है। दरें घटने से मकान बनाने का सपना अब आम परिवारों के लिए और किफायती हो जाएगा। सिर्फ यही नहीं, बल्कि मॉड्यूलर किचन, वॉर्डरोब, फ्लोरिंग और लाइटिंग जैसे फिनिशिंग कार्य भी अब पहले से सस्ते पड़ेंगे।
इससे इंटीरियर और सजावट की योजना बनाने वाले परिवारों को भी बड़ी राहत मिलेगी। त्योहारी सीजन में लागू हुआ यह बदलाव आम लोगों के लिए राहत भरा साबित होगा। जहां एक ओर मकान निर्माण की कुल लागत कम होगी, वहीं दूसरी ओर इंटीरियर और सजावट का खर्च भी घट जाएगा।
डिमांड और सप्लाई में तेजी की उम्मीद :
निर्माण सामग्री विक्रेता संजय सैनी, पुनीत यादव और नरेंद्र ने बताया कि त्योहारी सीजन में प्लाट और घर खरीदने और बनाने की परंपरा पुरानी है। नवरात्र से लेकर दिवाली तक बड़ी संख्या में लोग नए घरों का निर्माण शुरू करते हैं। ऐसे में जीएसटी स्लैब में यह बदलाव लोगों के फैसलों को और आसान बना देगा। हमारे पास आर्डर भी अच्छे आ रहे हैं। 22 सितंबर के बाद का अधिकतर आर्डर है। कहना है कि निर्माण सामग्री पर जीएसटी कम होने से हाउसिंग सेक्टर में डिमांड और सप्लाई दोनों बढ़ेंगी। लोग अब पहले से कम लागत में घर बना सकेंगे और इससे रियल एस्टेट कारोबार को भी मजबूती मिलेगी।
जीएसटी स्लैब में ये हुआ बदलाव :
सामग्री पहलेअब
सीमेंट 25 प्रतिशत18 प्रतिशत
मारबल ब्लॉक12 प्रतिशत5 प्रतिशत
रेत-चूने की ईंट12 प्रतिशत5 प्रतिशत
प्लाईवुड,फर्नीचर18 प्रतिशत5 प्रतिशत